शहर के रूटीन दौरे पर रामघाट पर पहुंचे कलेक्टर, तीर्थ पुरोहितों ने की शिकायत

शिप्रा के घाटों पर जमी काई, फिसलन के कारण गिरकर घायल हो रहे श्रद्धालु

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शिप्रा नदी के घाटों पर काई अर्थात कंजी एक बड़ी समस्या बनी हुई है और यही दुर्घटना का कारण बन रही है। अमूमन रोज ही रामघाट, दत्तअखाड़ा सहित आसपास के घाटों पर फिसलन की वजह से लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। सोमवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह शहर के रूटीन निरीक्षण के दौरान रामघाट पहुंचे तो तीर्थ पुरोहितों ने शिकायत में बताया शिप्रा के घाटों पर काई को साफ नहीं किया जा रहा है। घाट पर फिसलने से श्रद्धालुओं के नदी में गिरने का डर बना रहता है। शिप्रा नदी का जलस्तर कम होने से घाट से पानी उतर गया है। इस कारण रामघाट, दत्तअखाड़ा घाट, राणोजी की छत्री के सामने व अन्य घाटों पर जमी काई के कारण श्रद्धालु गिरकर घायल हो रहे हैं। सोमवार सुबह भी कुछ श्रद्धालु घायल हो गए थे। चोटिल होने पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं
शिप्रा के घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम तो बिल्कुल भी नहीं हंै लेकिन घाटों पर लोगों को इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार दे सके, ऐसी भी कोई सुविधा नहीं है। यहां कोई डूब रहा होता है तो उसे बचाने के बाद तत्काल जिला अस्पताल भिजवाने पर ही उपचार मिलेगा, इस बीच रास्ते में उसके साथ कुछ भी अनहोनी हो जाए। यही स्थिति घाट पर फिसलन की वजह से घायल होने वालों की हो रही है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं
श्राद्ध पक्ष में तपर्ण,उत्तर-कार्य के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। स्नान के अलावा उत्तर-कार्य के लिए नदी में उतरने के दौरान काई से परेशानी है। सोमवार सुबह कलेक्टर नीरज कुमार सिंह शहर का रूटीन निरीक्षण करते हुए रामघाट पहुंच गए। तीर्थ पुरोहितों ने कलेक्टर सिंह को बताया शिप्रा नदी के घाटों पर इन दिनों इतनी अधिक काई जमी है कि नदी में पैर रखते ही श्रद्धालु सीढिय़ों से फिसलकर गिर रहे हैं। उनके सिर, हाथ, पैरों में गंभीर चोट लग रही है। शिप्रा नदी के घाटों पर काई समस्या बनी हुई है। अमूमन रोज ही रामघाट, दत्तअखाड़ा समेत आसपास के घाटों पर फिसलन की वजह से लोग गिरकर घायल हो रहे हैं।
घाट पर मौजूद कर्मचारी जुटे सफाई में
कलेक्टर सिंह के निर्देश पर रामघाट पर मौजूद कुछ कर्मचारियों ने घाटों की सफाई शुरू की। कलेक्टर ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लानिंग बनाकर घाटों से काई हटाने का अभियान चलाया जाए।









