Popup Image
Advertisement

उज्जैन में पहली बार हेलिकॉप्टर से अब पकड़ी जाएंगी नीलगायें

मौसम ठीक रहा तो कल ब्रजराजखेड़ी से शुरू होगा बोमा अभियान

Advertisement

पांच स्थानों की पहचान, आज शाम तक पहुंचेगी टीम

उज्जैन। ब्रजराजखेड़ी, दताना-मताना, हासामपुरा, ताजपुर और केसूनी के किसानों के लिए परेशानी बनी नीलगाय (घोड़ारेज) से मुक्ति दिलाने की तैयारी प्रशासन ने कर ली है। अगर मौसम ने साथ दिया तो ब्रजराजखेड़ी से शनिवार को बोमा की शुरुआत होगी। पहली बार उज्जैन में हेलिकॉप्टर से नीलगाय का बोमा किया जाएगा। फिलहाल शाजापुर में काले हिरणों के साथ नीलगायों को रेस्क्यू किया गया है। अब उज्जैन में इसकी शुरुआत की जा रही है।

Advertisement

डीएफओ अनुराग तिवारी ने बताया कि रेस्क्यू अभियान की शुरुआत ब्रजराजखेड़ी से की जाएगी। इस इलाके में नीलगाय के झुंड हैं और इनकी संख्या करीब 50 तक है। हेलिकॉप्टर राबिनसन 44 से इनको घेरकर बोमा तक लाया जाएगा। इसके लिए शाजापुर से टीम आज शाम तक उज्जैन पहुंचने की संभावना है। टीम में करीब 80 लोग रहेंगे। इसमें हेलिकॉप्टर के दो पायलट भी है। इनमें से एक पायलट साउथ अफ्रीका से और एक भारत से हैं। राबिनसन हेलिकॉप्टर की खासियत इसका बेहद नीचे उड़ान भरना है। बोमा में इसका उपयोग किया जाता है।

पांच स्थान की पहचान
उज्जैन जिले में ब्रजराजखेड़ी, दताना-मताना, केसूनी, हासामपुरा और ताजपुर में नीलगाय के बड़े झुंड हैं। ऐसे में बोमा अभियान इन्हीं गांवों में चलाया जाएगा। तिवारी के मुताबिक 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चलने वाला यह अभियान पूरी तरह मौसम पर निर्भर रहेगा। खुला मौसम होने पर हेलिकॉप्टर को उड़ान भरने में आसानी रहेगी। फिलहाल रेस्क्यू अभियान की तैयारी पूरी हो गई है। पकड़ी गईं नीलगायों को गांधीसागर में छोड़ा जाएगा।

Advertisement

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें