महाकाल सवारी मार्ग की अनदेखी श्रद्धालुओं को पड़ सकती है भारी

सडक़ बनाने के बाद भी गड्ढे छोड़े, गिराऊ भवन और खुली नालियों पर ध्यान नहीं

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन श्रावण और भादौ मास में निकलने वाले भगवान महाकालेश्वर की सवारी के मार्ग का पुलिस व प्रशासन के अफसरों द्वारा निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के अनुसार व्यवस्थाएं जुटाने के लिये संबंधित विभागों के अफसरों को निर्देशित किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा सवारी मार्ग के कुछ हिस्सों में डामरीकरण तो कराया लेकिन गड्ढे छोड़ दिये गये हैं। इसके अलावा भी अनेक अव्यवस्थाएं हैं जिनके कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
भगवान महाकालेश्वर की सवारी मंदिर से प्रारंभ होकर महाकाल चौराहे से गुदरी होते हुए बक्षी बाजार के रास्ते कहारवाड़ी से हरसिद्धी की पाल, रामानुज कोट के पास से सीधे रामघाट पहुंचती है। उक्त मार्ग काफी संकरा होने के साथ ही सडक़ों पर गड्ढे व खुली नालियां हैं। नगर निगम द्वारा उक्त मार्ग पर पिछले दिनों डामरीकरण किया गया लेकिन ठेकेदार ने सडक़ पर अनेक जगह गड्ढे छोड़ दिये हैं। इसके अलावा नालियां और कचरे के ठिये भी रास्ते पर हैं।
जबकि सवारी के दौरान इस संकरे मार्ग पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु सडक़ के दोनों ओर खड़े होकर भगवान महाकालेश्वर के दर्शन करते हैं। ऐसे में खुली नालियों और गड्ढों के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि विद्युत मंडल द्वारा सवारी मार्ग के उक्त क्षेत्रों में स्थापित विद्युत पोल पर करीब 6 फीट हाईट तक प्लास्टिक से कवर किया गया है ताकि सवारी के दौरान बारिश होती है तो विद्युत पोल में करंट आने अथवा श्रद्धालुओं के घायल होने की घटना को रोका जा सके।
बक्षी बाजार से कहारवाड़ी के बीच कुछ गिराऊ भवन भी हैं। अफसरों द्वारा सवारी मार्ग निरीक्षण के दौरान गिराऊ भवनों को तोडऩे अथवा इन पर भवन जर्जर होने की सूचना लगाने के निर्देश दिये गये हैं लेकिन अब तक निगम अफसरों द्वारा उक्त निर्देशों का पालन भी नहीं किया गया है।
100 वर्ष पुराना पेड़ गिरा
इधर रामघाट मार्ग स्थित आद्य गौड़ धर्मशाला के पास लगा 100 वर्ष पुराना विशाल पेड़ गिर गया। यहां रहने वाले पं. आनंद गुरू लौटावाला ने बताया कि वर्षों पुराने उक्त पेड़ की कुछ शाखाओं को नगर निगम की टीम द्वारा पिछले वर्ष काटा गया था। बीती पेड़ गिरा जिसकी सूचना महापौर व नगर निगम की टीम को दी गई। नगर निगम कर्मचारियों ने तत्काल यहां पहुंचकर पेड़ के बड़े तने को काटा गया है। विशाल पेड़ गिरने के दौरान किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है।









