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व्यंजनों की खुशबू से महकी कालिदास अकादमी

 मोटे अनाज से बने व्यंजनों की स्पर्धा एवं चित्र प्रदर्शनी का आयोजन

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ज्वार-मक्का का पिज्जा और बाजरे के शक्करपारे ने ललचाया, चखकर मुंह से निकल उठा ‘वाह’

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कोठी रोड स्थित कालिदास अकादमी शनिवार को व्यंजनों की खुशबू से महक उठी। स्टॉल पर प्लेट्स में सलीके से सजा ज्वार-मक्का का पिज्जा आंगतुकों को खाने की दावत दे रहा था तो रागी केक, बाजरे के मीठे और नमकीन शक्करपारे, ज्वार से बनी दही चंदिया, मोरधन कटलेट, मिलेट पोहा, लहसुनी बाजरा कढ़ी, ज्वार से बना ढोकला, बाजारा प्याज का मुथिया, खिचड़ी सहित अन्य व्यंजन भी लुभा रहे थे।

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अधिकारियों के साथ जिसने भी व्यंजनों को चखा मुंह से खुद ब खुद ‘वाहÓ निकल गया। दरअसल, सितंबर को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है जिसके तहत अलग-अलग थीम पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार दोपहर मोटे अनाज से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता एवं चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य मोटे अनाज को खाने में शामिल करने के साथ प्रमोट करना था। इसमें शहरी और ग्रामीण परियोजना की ५७ प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया।

विजेताओं को मिले पुरस्कार तो खिल उठे चेहरे

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व्यंजन स्पर्धा में पहला स्थान परियोजना 4 की नीतू भटेवरा को मिला। दूसरे नंबर पर परियोजना 1 की रवीना और तीसरे पर परियोजना 4 की नीना गुप्ता रहीं। जिन्हें कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। पुरस्कार पाकर विजेताओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।

जजेस ने अपनी कसौटी पर परखे व्यंजन

स्पर्धा की जजेस कालिदास कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजना बुंदेला, जीडीसी की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रियंका वर्मा एवं डॉ. छाया हार्डिया रहीं। उन्होंने अपनी-अपनी कसौटी पर व्यंजनों को परखा और नंबर दिए। इसी के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।

अतिथियों ने स्टॉल पर पहुंचकर व्यंजनों की जानकारी ली

महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी साबिर अहमद सिद्धीकी ने बताया कि अतिथि नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, जिला पंचायत की स्वास्थ्य एवं महिला व बाल विकास की सभापति राधिका कुंवर, जिला पंचायत सदस्य अजीता परमार थीं। निगम अध्यक्ष श्रीमती यादव सहित अन्य अतिथियों ने स्टॉल पर पहुंचकर व्यंजनों की जानकारी ली और उसकी प्रशंसा की।

उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया जो रात 8 बजे तक आम लोगों को लिए खुली रही। इस दौरान श्रीमती यादव ने कहा अब हमें पुन: अपनी संस्कृति से जुड़कर मोटे अनाज की ओर रुख करना होगा। मुख्य वक्ता कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. मोहिनी यादव ने मोटे अनाज की उपयोगिता, विशेषताओं के साथ व्यंजन बनाते समय रखी जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित

महिला एवं बाल विकास विभाग के ग्रामीण परियोजना अधिकारी मनोज त्रिवेदी, अर्चना दलाल, प्रीति कटारा, प्रियंका जैसवाल आदि उपस्थित रहीं। संचालन प्रियंका त्रिपाठी ने किया।

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