करवाचौथ: रोहिणी-मृगशिरा नक्षत्र और शिवसंयोग में मनेगी

खत्री अरोड़वंशीय पंजाबी समाज की महिलाएं सामूहिक रूप से करेंगी पूजन
उज्जैन में रात 8.33 बजे होगा चंद्रोदय , चौथ माता मंदिरों में भीड़
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर आने वाली करवाचौथ पर इस बार रोहिणी-मृगशिरा नक्षत्र और शिवयोग का संयोग बन रहा है। यह संयोग दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख और पारिवारिक सौहार्द बनाने वाला माना जाता है। करवाचौथ पर चंद्रपूजन का महत्व है और उज्जैन में रात 8.33 बजे चंद्रोदय होगा। उज्जैन के दो चौथ माता मंदिर (जीवनखेड़ी और महाकाल मंदिर) में भी महिलाओं की भीड़ रही। यहां वे पति के साथ दर्शन करने पहुंचीं। पर्व का सबसे ज्यादा उल्लास खत्री अरोड़वंशीय पंजाबी समाज की महिलाओं में देखा गया। सजने-संवरने के लिए वे सुबह से ही ब्यूटी पार्लर पहुंच गईं। दोपहर 3.30 बजे होटल आश्रय में समाज की महिला समिति सामूहिक करवाचौथ कार्यक्रम करेगी।
खत्री अरोड़वंशीय समाज की महिलाओं ने तड़के सरगी (उपवास शुरू करने से पहले किया जाने वाला भोजन) से शुरुआत की। किसी ने मठरी ली तो किसी ने नींबू पानी। इसी के साथ उनका निर्जला उपवास शुरू हो गया। चंद्रोदय तक वे बगैर पानी पिएं रहेंगी। हालांकि इस दौरान उनकी एक्टिविटी जारी रहेगी।
इसी कड़ी में होटल आश्रय में दोपहर 3.30 बजे से करवा चौथ उत्सव शुरू होगा। यहां सामूहिक थाली सजाई जाएगी और वीरकुड़ी का पूजन किया जाएगा। इस दौरान गेम्स भी खेले जाएंगे। थाली घुमाने और पूजन पाठ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिलाएं घर जाएंगी और चंद्रोदय का इंतजार करेंगी। पति का छलनी में मुंह देखकर वे व्रत खोलेंगी। समाज के सबसे बड़े त्योहार का उल्लास सुबह से ही पंजाबी परिवारों में दिखाई दिया। महिलाओं के साथ पुरुष और बच्चे भी पर्व को लेकर उमंग और उत्साह से भरे नजर आए।
जीवनखेड़ी में दोपहर बाद बंटेगा सिंदूर
जीवनखेड़ी चौथ माता मंदिर में सुबह से ही दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। दंपत्ति यहां आते रहे और चौथ माता की पूजा करते रहे। दोपहर बाद मंदिर से मां कामाख्या का सिंदूर, रुद्राक्ष का वितरण किया जाएगा।
महाकाल परिसर स्थित चौथ मंदिर में भीड़
महाकाल मंदिर परिसर स्थित चौथ माता मंदिर में भी सुबह से ही दर्शन करने वाले को भीड़ रही। सुबह से ही महिलाएं पतियों के साथ दर्शन करने पहुंचीं।









