25 साल का सफर पूरा, बोले मोदी- ‘मिशन के लिए जीता हूं’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद किया। दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि जीवन में क्या बनना है, बल्कि हमेशा सीखते रहने और सेवा के भाव से आगे बढ़ने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं एंबीशन नहीं, मिशन के लिए जीने वाला इंसान हूं। जीवन में क्या बनूंगा, कभी सोचा ही नहीं।” उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि हर घटना ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया है।
उन्होंने कहा, “जिसने मुझे गिराया, उसने मुझे खड़ा होना सिखाया। जिसने मेरा विरोध किया, उसने मुझे लोकतंत्र की शक्ति समझाई।” प्रधानमंत्री ने कहा कि हर संकट उनके धैर्य की परीक्षा रहा, जबकि हर सफलता ने बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ने का सामर्थ्य दिया।
मोदी ने कहा कि पीछे मुड़कर देखने पर उनके मन में कृतज्ञता का भाव आता है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करने की बात कहते हुए कहा कि जीवन में सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और मई 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उनके सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे करने पर प्रस्ताव पारित कर उन्हें बधाई दी।









