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ऑनलाइन पास खरीदकर थाने एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे संयोजक, ताबड़तोड़ परमिशन कैंसिल

कंट्रोवर्सी: पेड गरबों पर हिंदू जागरण मंच और आयोजकों के बीच तकरार का सिलसिला चरम पर, रोज हो रहे विवाद

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होटल मित्तल एवेन्यू मेें होने वाले गरबा रास निरस्त, सीएसपी के नेेगेटिव अभिमत के बाद भी एसडीएम ने दे दी थी अनुमति

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पेड गरबों को लेकर मोर्चा खोलने वाले हिंदू जागरण मंच की पुख्ता शिकायत पर मित्तल एवेन्यू में होने वाले चार दिनी गरबा रास की अनुमति शुक्रवार शाम एकाएक निरस्त कर दी गई। मंच संयोजक अर्जुनसिंह भदौरिया ने तुम डाल-डाल तो हम पांत-पांत की तर्ज पर गरबा रास काऑनलाइन पास खरीदा और इसे लेकर नीलगंगा थाने पहुंच गए। उन्होंने पेड पास बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग की तो पुलिस ने अपने दस्तावेज तलाशे।

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इसमें यह पता चला कि गरबा रास के आयोजन पर तो नेगेटिव अभिमत था। फिर अनुमति कैसे जारी हो गई? तत्काल एसडीएम कोठी महल से संंपर्क साधा गया तो उन्होंने अपने दफ्तर में कागजात चैक कराए। पता चला कि वाकई अभिमत नेगेटिव है। फिर क्या था ताबड़तोड़ अनुमति निरस्त की गई। चार दिनी गरबे के एकाएक निरस्त होने से आयोजक संकट में आ गए। अब शहर में केवल दो ही जगह पेड गरबे हो रहे हैं।

दरअसल, हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने एक महीने पहले ही पेड गरबों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। इसमें साफ कहा था कि पेड गरबों को किसी भी सूरत में परमिशन नहीं दी जाए, नहीं तो मंच कार्रवाई करेगा। उज्जैन शहर के छह स्थान पर 9 जगह पेड गरबा होने थे। इनकी अनुमति को लेकर पेंच फंसा रहा। अक्षरविश्व ने परमिशन को लेकर बने संशय पर लगातार खबर की। आखिरकार शुरुआत में तीन गरबों (राजमहल का गरबा उत्सव, राजाराम रिसोर्ट का डांडिया बीटस और मित्तल एवेन्यू के गरबा रास) को मंजूरी मिली।

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जब दबाव बढ़ा तो मित्तल एवेन्यू के केसरिया रास, राजाराम रिसोर्ट के अवंतिका नाइटस को भी स्वीकृति मिली। आस्था गार्डन के शुभारंभ और यहीं के रॉक एंड रोल ने भी अपने पेड गरबों को फ्री में बदल दिया और अनुमति हासिल कर ली। शुभारंभ और रॉक एंड रोल तो अपने फ्री स्टैंड पर कायम रहे लेकिन गरबा रास, केसरिया रास फ्री के स्टैंड पर कायम नहीं रहे और इन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन पास बेचना जारी रखा। यही गलती उनके लिए मुसीबत बन गई। शुक्रवार को इसके चलते नीलगंगा थाने पर जमकर हंगामा हुआ।

खुद खरीदा पास फिर शिकायत
हिंदू जागरण मंच के संयोजक अर्जुनसिंह भदौरिया ने शुक्रवार दोपहर गरबा रास का ऑनलाइन पास खरीदा । कपल पास के लिए उन्होंने 900 रुपए का भुगतान किया। ऑनलाइन भुगतान और पास लेकर वे नीलगंगा थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंच गए। उनके साथ अन्य कार्यकर्ता भी थे। इन लोगों ने पेड गरबा कराने पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने जब अपने दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि १६ से 19 अक्टूबर तक होने वाले गरबा रास के संबंध में नेगेटिव अभिमत था। बावजूद इसके अनुमति जारी हो गई। ऐसे में एसडीएम कोठीमहल पवन बारिया को सूचना दी गई। उन्होंने अपने दफ्तर का रिकॉर्ड चैक करवाया तो पता चला कि गरबा रास के आवेदन में पुलिस अभिमत नेगेटिव है। ऐसे में ताबड़तोड़ अनुमति निरस्त की गई।

क्यों था नेगेटिव अभिमत
चार साल से हो रहे गरबा रास में हर साल विवाद होता है। पिछली बार आयोजन स्थल पर चाकूबाजी हुई थी। ऐसे में लॉ एंड ऑर्डर बिगडऩे की आशंका को देखते हुए अनुमति नहीं देने का अभिमत दिया था।

जागरण मंच की नाराजगी इसलिए भी

पेड गरबे पास खरीदने वालों के मिजाज अनुसार चलते हैं। यानी यहां धार्मिक गीतों की जगह फिल्मी और वेस्टर्न म्यूजिक बजाया जाता है।

पेड गरबे कायदे से मनोरंजन की श्रेणी में आते हैं लेकिन आयोजक पास बेचने पर कोई मनोरंजन कर (जीएसटी) नहीं चुकाते। यह एक तरह से राजस्व की चोरी करते हैं।

 पेड गरबों का प्रमोशन सोशल मीडिया पर होता है और ऐसे में कोई भी शख्स पास खरीदकर गरबों में शामिल हो सकता है। कई मर्तबा विधर्मी भी यहां पकड़े जाते हैं।

बजरंगदल केविभाग सह संयोजक अंकित चौबे कहते हैं कि पेड गरबे सनातनियों को ही आपस में बांटने का काम करते हैं। यहां फूहड़ता होती है। विधर्मी पकड़े जाते हैं। यह संस्कृति का अवमूल्यन करते हैं। ऐसे गरबों पर रोक लगनी ही चाहिए।

गरबा रास का आवेदन अंत में था, अभिमत ध्यान से नहीं देखा
गरबा रास का आवेदन अंत में था। चूंकि 35 से 40 गरबों की अनुमति देनी थी, अधिकतर के अभिमत पॉजिटिव थे। ऐसे में नेगेटिव अभिमत वाली चूक हो गई। दोबारा आवेदन चैक करने पर अभिमत नेगेटिव होने पर अनुमति निरस्त कर दी गई।
पवन बारिया, एसडीएम कोठी महल

9 लाख रुपए का नुकसान हो गया
चार दिनी गरबा रास के लिए वैन्यू, डेकोरेटर्स, डीजे, एंकर, बाउंसर, प्रमोशन पर करीब 9 लाख रुपए खर्च हो चुके थे। एकाएक अनुमति निरस्त होने से बड़ा नुकसान हो गया। हिंदू जागरण मंच के अर्जुनसिंह भदौरिया ने अनुमति निरस्त करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया। नीलगंगा थाना तक घेरा। यह स्थिति ठीक नहीं है।
हर्षवर्धन राणा, गरबा रास

पेड गरबे सनातन समाज को बांटते हैं
गरबे मां की आराधना के लिए हैं। सनातन समाज को एकजुट करने के लिए हैं। पेड गरबे सनातन समाज को बांटते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग पास खरीद नहीं सकते,ऐसे में उनको इन वैन्यू पर जाने नहीं दिया जाता। वे हीनभावना से ग्रसित होते हैं। ऐसे में समाज को बांटने वाला काम कैसे करने दिया जा सकता है।
अर्जुन सिंह भदौरिया, हिंदू जागरण मंच

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