8 घंटे धरने के बाद राहुल-प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया, दो घंटे बाद छोड़ा

एसआईआर का विरोध : सीईसी के खिलाफ 5 दिन में 7वां प्रदर्शन : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने के लिए निकाला मार्च
नईदिल्ली, एजेंसी। एसआईआर के विरोध को लेकर सीईसी के खिलाफ 5 दिन में मंगलवार को 7वां प्रदर्शन हुआ। राहुल और प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार रात 10 बजे रिहा कर दिया। पुलिस ने राहुल समेत करीब 250 लोगों को आकाशवाणी परिसर से रात 8 बजे हिरासत में लिया था। राहुल जब पुलिस लाइन से बाहर निकले तो उनके हाथ में संविधान की कॉपी थी। वे दोपहर 12 बजे से सीईसी ज्ञानेश कुमार से मिलने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे।
चुनाव आयोग ने देर शाम कहा कि राहुल या उनके प्रतिनिधियों ने सीईसी से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट नहीं मांगा था। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था। राहुल की अगुआई में सुबह 10 बजे संसद से विपक्षी दलों का ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ शुरू हुआ था। पुलिस ने दोपहर 12:30 बजे आकाशवाणी भवन के पास यह मार्च रोक दिया। राहुल-प्रियंका वहीं धरने पर बैठ गए। राहुल ने कहा कि 20 विपक्षी पार्टियों के 300 से ज्यादा सांसदों को मिलने से रोका गया।
चुनाव आयोग के सूत्रों का दावा राहुल ने अपॉइंटमेंट नहीं मांगा
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के दूसरे नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने के लिए कोई प्रस्ताव या अपॉइंटमेंट नहीं मांगा था। वे बिना किसी अपॉइंटमेंट और एजेंडा के सीधे सीईसी के ऑफिस जाना चाहते थे।









