तड़के 5 बजे तक निकले डोल, हजारों लोगों ने निहारा

16 झांकी, 24 अखाड़े और 10 रास मंडली में से एक भी तय समय पर नहीं पहुंचा चामुंडा चौराहा
आंबापुरा की झांकी पहले, प्रकाश नगर की दूसरे और नारायणपुरा की रही तीसरे स्थान पर
उज्जैन। डोल ग्यारस पर मंगलवार शाम से बुधवार तड़के तक बैरवा समुदाय जागता रहा। मंगलवार रात करीब 10 बजे से शुरू हुए डोलों को सोलह सागर (पुरुषोत्तम सागर) तक पहुंचने में सुबह हो गई। यहां पूजन-अर्चन के बाद झांकी, अखाड़े और रास मंडलियां अपने-अपने मोहल्लों में लौट आईं। आंबापुरा की झांकी पहले, प्रकाश नगर की दूसरे और नारायण पुरा की तीसरे स्थान पर रही। आंबापुरा ने ताड़का वध, प्रकाशनगर ने उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ प्रोजेक्ट और नारायणपुरा ने कृष्णआराधना का दृश्य चित्रित किया था।
चल समारोह की समय पाबंदी के लिए बैरवा महासभा ने झांकी, अखाड़े और रास मंडलियों को रात 10 बजे तक चामुंडा माता चौराहे क्रॉस करने पर 5 हजार का इनाम देना तय किया था। 16 झांकी, 24अखाड़ों और 10 रास मंडलियों में से एक भी यह इनाम हासिल नहीं कर सका। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मरमट ने बताया कि सोलह सागर तक पहुंचने में सुबह के 5.30 बज गए।









