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राहुल गांधी का बड़ा ऐलान, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दिल्ली के त्रिलोकपुरी ब्लॉक-20 में आयोजित ‘वोट अधिकार, जीने का अधिकार’ जनसुनवाई के दौरान वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गरीबों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्ष लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन अब देश के लोग भी समझने लगे हैं कि शीर्ष स्तर पर वोट चोरी हो रही है।

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राहुल गांधी ने कहा कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है। जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पद से नहीं हटाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोटरों के नाम कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है।

राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार सवालों के जवाब नहीं देते

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राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने उनसे इस मामले में कई सवाल किए, लेकिन वे जवाब नहीं देते और बचते हैं। उन्होंने जनसुनवाई का जिक्र करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम ने देश के सामने मतदाता सूची में नाम काटे जाने के मुद्दे को स्पष्ट रूप से रखा है।

राहुल गांधी के मुताबिक, सिर्फ चार मतदान केंद्रों पर 416 मतदाताओं के नाम कथित तौर पर अवैध तरीके से काटे गए। उन्होंने इस मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि विपक्ष इसे लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

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1 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ मार्च, रामलीला मैदान में जनसभा

वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदाताओं के नाम काटे जाने में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ INDIA ब्लॉक ने आंदोलन तेज करने की तैयारी की है। विपक्ष 1 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ मार्च निकालेगा। इसके बाद दिल्ली के रामलीला मैदान में जनसभा आयोजित की जाएगी।

कांग्रेस ने 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए दिल्ली नगर निगम से अनुमति भी ली थी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली की अनुमति रद्द नहीं की गई है और पहले दी गई अनुमति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

वहीं, अशोका होटल में प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम को लेकर पुलिस सूत्रों ने कहा कि इस पर फैसला होटल प्रबंधन को लेना है, क्योंकि यह निजी संपत्ति है।

30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस की तैयारी

कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इससे पहले आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर पुलिस ने कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारियां रोक दीं।

कांग्रेस ने 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग जैसी सार्वजनिक कार्यवाही करने की योजना भी बनाई है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों पर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए। हालांकि, वोटरों के नाम अवैध रूप से हटाए जाने और इसमें शीर्ष स्तर पर साजिश होने के आरोप विपक्ष के दावे हैं।

SIR के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन, चुनाव आयोग पर बढ़ा दबाव

INDIA ब्लॉक के नेता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 6 से 13 अक्टूबर के बीच इस मुद्दे पर कई बैठकें और प्रदर्शन आयोजित किए गए।

10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी और वामपंथी दलों ने भी इसी मुद्दे पर प्रदर्शन का आह्वान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी।

प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली के कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहे और 7 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। विपक्ष अब 1 नवंबर की रैली के जरिए SIR और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है।

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