राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, मानहानि केस की सुनवाई पर रोक

पीएम मोदी पर 2018 में दिए बयानों से जुड़ा है मामला, महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई पर रोक लगा दी। यह मामला वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयानों से जुड़ा है। मामले की सुनवाई महाराष्ट्र की ट्रायल कोर्ट में चल रही थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता एमएच श्रीश्रीमल को नोटिस जारी किया है।
राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 8 सितंबर के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद राहुल गांधी ने शीर्ष अदालत का रुख किया।
अभिषेक सिंघवी ने रखी राहुल गांधी की ओर से दलील
राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। उन्होंने मामले में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए दलील दी कि संबंधित कानूनी पहलुओं पर पहले ही स्पष्टता दी जा चुकी है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता एमएच श्रीश्रीमल की याचिका पर गिरगांव मजिस्ट्रेट के 28 अगस्त 2019 के आदेश को बरकरार रखा था। इस आदेश के जरिए राहुल गांधी के खिलाफ मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने अपने 2021 के आदेश को भी जारी रखा था, जिसमें मजिस्ट्रेट को शिकायत पर सुनवाई छह सप्ताह के लिए टालने को कहा गया था।
2018 में पीएम मोदी पर दिए बयानों से जुड़ा है केस
यह मानहानि मामला राहुल गांधी की ओर से 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणियों से संबंधित है। शिकायत के मुताबिक, राहुल गांधी ने 20 सितंबर 2018 को राजस्थान में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को लेकर बयान दिया था। वहीं, 25 सितंबर 2018 को अमेठी में राफेल विमान सौदे को लेकर दिए गए भाषण में भी उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी के बयानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने खुद को भाजपा का सदस्य बताते हुए कहा था कि वह इन बयानों से आहत हैं।
राहुल गांधी के खिलाफ कई मानहानि मामले
राहुल गांधी के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में आपराधिक मानहानि के मामले दर्ज हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के हलफनामे में 15 मामलों का उल्लेख किया था। इसके अतिरिक्त पुणे में सावरकर परिवार की ओर से दायर एक मामला भी बताया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से संबंधित मामले की सुनवाई पर फिलहाल रोक लगी है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शीर्ष अदालत के निर्देशों और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर आगे बढ़ेगी।









