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चौड़ीकरण की धीमी रफ्तार परेशानियों का अंबार

8 माह से चल रहा काम, रहवासी बोले धूल के कारण एलर्जी के मरीज हो गए

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उज्जैन। सिंहस्थ 2028 के चलते शहर के आंतरिक मार्गों के चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। इसके तहत कोयला फाटक से निजातपुरा होते हुए कंठाल रोड तक चौड़ा किया जा रहा है लेकिन इसकी धीमी रफ्तार ने रहवासियों के लिए परेशानियों का अंबार लगा दिया है। एक ओर जहां कारोबारियों का व्यापार ठप हो गया है, वहीं धूल-मिट्टी, चौक नालियां, सड़क पर फैलता गंदा पानी और उससे पनपत मच्छरों ने रहवासियों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

  • कितना चौड़ा होगा 11 मीटर
  • कितनी लंबाई 1.2 किमी
  • कब से चल रहा काम 8 माह
  • लागत 14.5 करोड़
  • कब पूरा होगा सिंहस्थ से पहले

म हाकाल महालोक बनने के बाद पर्यटन को पंख लग गए हैं। देशभर से रिकॉर्डतोड़ श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा आगामी सिंहस्थ महापर्व में भी 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है जिसके लिए यह चौड़ीकरण किया जा रहा है। 1.2 किमी के लंबे इस मार्ग को 11 मीटर (करीब 36 फीट) चौड़ा किया जाना है जिसके दोनों ओर 1.2- 1.2 मीटर के फुटपाथ बनाए जाएंगे। इसे बनाने का जिम्मा भोपाल की बिलीफ बिल्डकान के पास है जिसे सिंहस्थ के पहले पूरा करना है। इसकी लागत करीब 14.5 करोड़ रुपए है।

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इन परेशानियों से मुश्किलें

कोयला फाटक से कंठाल चौराहे तक रोड चौड़ीकरण का काम शुरू हुए करीब 8 माह हो चुके हैं लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है जिससे कारोबार ठप हो गया है।

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दिनभर धूल और मिट्टी उडऩे से लोगों को सांस की परेशानी होने लगी है।

पानी की पाइप लाइन भी कई जगह से फूट रही है जिसके कारण पानी व्यर्थ बहता है और कीचड़ होता है।

जगह-जगह मलबा पड़ा है जिससे नाले-नालियां चौक हो गई हैं जिससे गंदा पानी दुकानों और घरों के आगे भर जाता।

गंदे पानी के कारण मच्छरों की भी भरमार हो रही है जिससे बाहर बैठना भी मुश्किल।

नल कनेक्शन नहीं होने से सुबह पानी ऐसे ही बहता रहा है जिससे कीचड़ होता है और वाहन चालक फिसलते हैं।

टुकड़ों-टुकड़ों में काम चलने से परेशानी

8 महीने से यह रोड इसी हालत में है। पब्लिक के साथ हम भी परेशान हैं। निर्माण कार्य के चलते काम नहीं कर पा रहे, ना ही दुकान पर ग्राहक आ रहे हैं। दो दिन पहले दुकान के सामने वाले हिस्से को खोद दिया गया तब से इसका मलबा ऐसे ही पड़ा है। इसके उठाने तक नहीं गया। टुकड़ों-टुकड़ों में काम चलने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी झेलना पड़ रही है।
– नसीम खान, कर्मचारी, सतनाम ऑटो पाट्र्स

धूल-मिट्टी के कारण एलर्जी के मरीज हो गए हैं
इस काम को देखते-देखते कई महीने बीत गए हैं। घर व दुकानों को चौड़ीकरण के लिए तोड़ा गया, वह ठीक है लेकिन इस काम को जल्द खत्म करना चाहिए। मैं तो धूल-मिट्टी उडऩे के कारण सर्दी-खांसी और एलर्जी का मरीज हो गया हूं। नालियां चौक हैं, ऐसे में गंदा पानी दुकान के आगे भर जाता है जिससे मच्छर हो रहे हैं। बार-बार जेसीबी पाइप लाइन फोड़ जाती है जिसे चार बार रिपेयर करवाना चुका हूूं।
– रामू साहू, संचालक, जय महाकाल किराना और आटाचक्की

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