चूल्हे की जलती लकड़ी ने बुझा दिया घर का चिराग

पुलिस घर पहुंची तब शव लेकर जिला चिकित्सालय आए परिजन

कुत्ता घर में धुसा भागा तो लकड़ी से टकराया…
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। झारडा के पिपल्याधूमा गांव में कुत्ते की उछल कूद मासूम बच्चे पर भारी पड़ गई। चूल्हे की जलती हुई लकड़ी उस पर गिरी और वह काल का ग्रास बन गया। मां का वह इकलौता बेटा था। शव लेकर वह गांव चली गई। इधर उसका पति अपनी बेटे की चिंता में जिला अस्पताल पहुंचा तब पता चला कि उसके घर का इकलौता चिराग बुझ चुका है।
पिपल्या धूमा थाना झार्डा में रहने वाले ईश्वर ने बताया कि बेटे को निमोनिया हुआ था। इस कारण पत्नी विलम बाई ने उसे चूल्हे के पास लेटा दिया था। वह आंगन में बर्तन मांझ रही थी। इसी दौरान एक कुत्ता रसोई में घुस गया। विलम बाई की उस पर नजर पड़ी तो वह कुत्ते को भगाने लगी। भागने के दौरान ही कुत्ते का पैर चूल्हे की जलती लकड़ी पर पड़ा। सुलगती लकड़ी उसके 8 माह के पुत्र धारासिंह पर जा गिरी। बालक का सीना, पेट व अन्य अंग झुलस गए। विलमबाई झुलसे बेटे को लेकर चरक अस्पताल आई। यहां उपचार के दौरान धारासिंह की मृत्यु हो गई। डॉक्टर की बात सुनकर विलमबाई विचलित हुई और अपने पुत्र का शव लेकर बस से झार्डा चली गई।
पत्नी व बेटे को तलाशता रहा पति
ईश्वरसिंह ने बताया कि वह मजदूरी करता है। बेटे के साथ घटना की जानकारी मिली तो चरक अस्पताल आया। यहां तीन बार पहली से 6 ठी मंजिल तक अपने बेटे व पत्नी की तलाश की। बाद में पता चला कि बेटे की मृत्यु हो गई है। पत्नी शव लेकर कहीं चली गई है। अस्पताल कर्मियों ने ईश्वर को यहीं रोक लिया था।
जेठ को फोन पर सूचना दी
अस्पताल कर्मचारियों ने धारासिंह को भर्ती करते समय एमएलसी बनाकर पुलिस को सूचना दी थी। बच्चे की मृत्यु के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम किया जाना था, लेकिन विलमबाई बस में बैठकर झारडा चली गई थी। उसने वहां पहुंचकर अपने जेठ रायसिंह को फोन पर सूचना दी। रायसिंह ने उसे बताया कि पुलिस घर आई थी। बच्चे का शव लेकर फिर अस्पताल जाना पड़ेगा। परिजन धारासिंह का शव लेकर जिला चिकित्सालय आए। यहां अस्पताल चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया।









