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उज्जैन की महिमा कल्पवृक्ष के समान : मुख्यमंत्री

उज्जैन। शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा कन्वेंशनल डिस्कशन ऑन सिंथेटिक ऑर्गेनिक केमिस्ट्री एंड बियोंड विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ।

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संगोष्ठी का आयोजन मुख्य रुप से एएनआरएफ, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी परिषद्, जनभागीदारी समिति, एसोसिएशन ऑफ़ केमिस्ट्री टीचर्स के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अर्पण भारद्वाज द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।

उद्घाटन समारोह में अध्यक्ष के रुप में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, मुख्य अतिथि के रूप में आचार्य विजय कुमार, सीजी मेनन, कुलगुरु महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय एवं विशेष अतिथि के रुप में अनिल फिरोजिया सांसद, अनिल जैन कालूहेड़ा विधायक उज्जैन उत्तर, मुकेश टटवाल महापौर, विवेक जोशी समाजसेवी एवं अरविंद चौधरी वरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अरविंद चौधरी द्वारा रसायन एवं अन्य क्षेत्रों में हो रहे शोध कार्यों एवं शोध प्रविधियों से अवगत कराया गया।

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मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन के कई रूप हैं। कल्पवृक्ष के नीचे जो बैठेगा उसे वह प्राप्त होगा। उज्जैन की महिमा कल्पवृक्ष के समान है। उदघाटन समारोह का संचालन प्रकृति दुबे ने किया एवं अंत में आभार समन्वयक डॉ कल्पना सिंह ने माना।

तत्पश्चात विभिन्न तकनीकी सत्रों में की नोट स्पीकर के रूप में जीवन आनंद, डॉ अखिलेश कुमार वर्मा, आईआईटी दिल्ली, माया शंकर सिंह, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, प्रोफेसर विशाल राय (आयजर भोपाल) डॉ. अनंत नारायण भट्ट (डीआरडीओ), डॉ. आशुतोष मिश्रा (आईआईटी, हैदराबाद) प्रोफेसर अमेंद्रसिंह (आईआईटी इंदौर) उपस्थित हुए। रवि पी सिंह (आईआईटी, दिल्ली), डॉ. बृजेश राठी (हंसराज राठी महाविद्यालय, दिल्ली) प्रोफेसर संगीत कुमार (आईआईजर, भोपाल), प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव (आईजर भोपाल), प्रोफेसर अनिल कुमार (बिट्स पिलानी), डॉ. पुनीत गुप्ता (आईआईटी रुडक़ी), प्रोफेसर रजनीश मिश्रा एवं प्रोफेसर रामपाल पांडे सहित कई विषय विशेषज्ञ उपस्थित हुए और व्याख्यान दिया। इस अवसर पर संगोष्ठी के सह समन्वयक डॉ. जीवन सिंह ने बताया कि यह संगोष्ठी निश्चित तौर पर उज्जैन के रसायन के विद्वानों के लिए लाभकारी होगी।

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