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अभी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने में होगी देरी

प्रक्रिया पूरी करने और प्रमाणीकरण में लग रहा समय

 

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आवेदने बढऩे पर कर्मचारी बढ़ाएं पर प्रोसेस धीमी

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जिला अस्पताल से जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में अभी थोड़ा समय लगेगा। इसकी वजह डिजिटलाइजेशन है। सिविल सर्जन ने मंगलवार को बताया कि जन्मप्रमाण पत्र की प्रोसेस पूरी करने में अभी समय लगा रहा है, इस कारण प्रमाणपत्र जारी होने में देरी हो रही है। दरअसल, जिला चिकित्सालय में जन्म प्रमाणपत्र के लिए लग रही भीड़ का वीडियो वायरल हुआ था। इस पर ही सफाई देने के लिए सीएस डॉ. संगीता पलसानिया ने मीडिया को बुलाया था।

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उन्होंने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र के डिजिटलाइजेशन का काम चल रहा है। इस काम के लिए पांच कर्मचारी नियुक्त हैं। संबंधित दस्तावेजों की जांच और प्रमाणीकरण के बाद प्रकरण हेड ऑफिस जा रहे हैं। प्रमाण-पत्र डिजिटलाइजेशन के लिए पूर्व में तीन कर्मचारी थे। आवेदन ज्यादा आने लगे तो तो दो कर्मचारी और बढ़ाए हैं। चूंकि जन्म प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज है इसलिए नियमों का पालन किया जा रहा है। नियमों की अनदेखी कर प्रमाणपत्र का डिजिटलाइजेशन नहीं कर सकते हैं।

सिविल सर्जन डॉ. पलसानिया ने बताया जन्म और मृत्यु का रजिस्ट्रीकरण अधिनियम नाम में परिवर्तन की अनुमति नहीं देता इसलिए सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों की संख्या बढ़ रही है। पुराने जन्म प्रमाणपत्रों के डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया में संशोधन किया है जिसके कारण पोर्टल अपडेट किया जा रहा है इस कारण पुराने जन्मप्रमाण पत्रों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया 15 दिन पहले बंद हो गई थी। नवीन डिजिटलीकरण प्रक्रिया में संशोधन के कारण दस्तावेजों को रजिट्रार के सत्यापन सहित कवरिंग पत्र को पोर्टल पर अपडेट करना होता है जिसका अप्रूवल जिला योजना और सांख्यिकी अधिकारी करते हैं।

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रोजाना आ रहे हैं 35  प्रकरण
रोजाना 35 प्रकरण आ रहे हैं। नवीन प्रक्रिया और पोर्टल अपडेशन के कारण 1 जून से आज तक 850 प्रकरण लंबित हैं। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन 15-20 नए शिशु के, 20 आवेदन रजिस्ट्रेशन संशोधन तथा प्रतिदिन पुराने बिना नाम के जन्म प्रमाणपत्र में नाम दर्ज करवाने के 25 प्रकरण आते हैं।

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