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आज हरिद्वार की तर्ज पर उज्जैन में सिंहस्थ तैयारी का प्रजेंटेशन

सीएस लेंगे बैठक, भोपाल पहुंचे कलेक्टर-कमिश्नर

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। हरिद्वार की तर्ज पर अखाड़ों और धार्मिक संस्थाओं के स्थाई निर्माण कर सिंहस्थ के आयोजन करने की तैयारी का प्रजेंटेशन प्रदेश के मुख्य सचिव (सीएस) अनुराग जैन को दिया जाएगा। सिंहस्थ मेले के दौरान पेयजल सप्लाई कैसे की जाए, इसको लेकर भी मंथन होगा। कुछ सडक़ों के निर्माण पर भी निर्णय संभावित है।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी के सिलसिले में आज राजधानी भोपाल में सीएस जैन महत्वपूर्ण बैठक ले रहे हैं। दोपहर 12 बजे से शुरू हुई बैठक में विभागों के प्रमुख सचिव, संभागायुक्त संजय गुप्ता, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरिद्वार की तर्ज पर अखाड़ों और संस्थाओं को स्थाई निर्माण की अनुमति देने की घोषणा की है। इस पर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने काम शुरू कर दिया है और डाटा कलेक्शन कर प्रारंभिक प्रेजेंटेशन तैयार किया है। इसे बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।

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महाकाल और मंगलनाथ मंदिर भी सिंहस्थ अधिसूचित क्षेत्र में

मुख्यमंत्री की घोषणा पर उज्जैन विकास।प्राधिकरण ने काम शुरू किया है। हालांकि पूरी योजना बनने में काफी वक्त लगेगा। अभी डाटा कलेक्शन का काम किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कुल तीन हजार हेक्टेयर जमीन सिंहस्थ के लिए अधिसूचित (नोटिफाई) है। इसमें से 2 हजार हेक्टेयर क्षेत्र ही खुली जमीन के रूप में है।

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महाकाल मंदिर और मंगलनाथ मंदिर भी वर्तमान में अधिसूचित सिंहस्थ क्षेत्र में है। आगर रोड पर महाकाल मंदिर के पास बेगमबाग कॉलोनी और इंदिरानगर का करीब 80 फीसदी हिस्सा सिंहस्थ क्षेत्र में है। इस कारण 2028 के लिए सिंहस्थ क्षेत्र नए सिरे से अधिसूचित करने को लेकर भी सीएस की उपस्थिति में मंथन हो सकता है। 2028 के सिंहस्थ में करोड़ों लोगों के आने का अनुमान है। इस कारण 2 हजार हेक्टेयर जमीन कम पड़ सकती है।

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