देवासगेट स्टैंड से बसों की शिफ्टिंग, कारोबारी सकते में

कारोबार चौपट होने की आशंका
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। देवासगेट स्टैंड की बसों के नानाखेड़ा जाने की हलचल से इस क्षेत्र के कारोबारी सकते में हैं। वे व्यापार प्रभावित होने की आशंका से डरे हुए हैं। स्टैंड से गुजरने वाली १५० बसों के यात्रियों के कारण इनका व्यापार चल रहा था। अब बंद होने की आश्ंाका बढ़ गई है।
दरअसल, एलिवेटेड कॉरिडोर काम के चलते इंदौरगेट से मकोडिय़ा आम और इंदौरगेट से निकास चौराहा तक लोहे की चद्दरें लगा दी गई हैं। इस वजह से चौड़ी सडक़ें संकरी हो गई हैं। इन सडक़ों से बसों के गुजरने के दौरान जाम की स्थिति बन रही है।
खासकर दिन के समय तो टू-व्हीलर वाले परेशान हो रहे हैं। जिम्मेदारों ने इसके चलते देवासगेट स्टैंड पर आने वाली करीब १५० बसों को नानाखेड़ा स्टैंड पर शिफ्ट करना तय किया है। सोमवार से बसें नानाखेड़ा से ही चलेंगी। आरटीओ ने बस ऑपरेटर को नानाखेड़ा स्टैंड से बस नहीं चलाने पर कोर्ट कार्रवाई, परमिट निरस्तीकरण, आरसी कैंसिल और चालानी कार्रवाई जैसे वैैधानिक कदम उठाने की चेतावनी दी है।
व्यापार खत्म हो जाएगा, कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे
अक्षरविश्व ने देवासगेट स्टैंड की शिफ्ंिटग को लेकर यहां के व्यापारियों से चर्चा की। अधिकतर का कहना था कि कारोबार खत्म हो जाएगा। कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे।
४ दुकान, १० कर्मचारी: मेरी ४ दुकानें हैं।१० कर्मचारी काम करते हैं। स्टैंड बंद तो व्यापार भी खत्म। कारोबार ही नहीं रहेगा तो दुकानें बंद करनी पड़ेंगी। इसका असर कर्मचारियों पर होगा। राजकुमार झांझोट, महाकाल कैफे
दुकान बंद करनी पड़ेगी: हमारा कारोबार बस यात्रियों पर निर्भर है। बस ही नहीं चलेंगी तो यात्री कहां से आएंगे। खाली दुकान खोलकर तो नहीं बैठेंगे। दुकान बंद करनी पड़ेगी। । सुनील सोलंकी, विद्यार्थी पान पैलेस
स्टाफ में कटौती करनी पड़ेगी: बस स्टैंड शिफ्ट होने का असर तो होगा। यात्रियों की जब आवाजाही ही नहीं रहेगी तो दुकानें कैसे चलेंगी। हमें भी स्टाफ में कटौती करनी पड़ेगी। आशीष सांवरिया, श्री बालाजी रेस्टोरेंट
भोजनालय पर असर होगा: हमारे ग्राहकों में ८० फीसदी बस यात्री होते हैं। वह ही नहीं रहेंगे तो कारोबार कैसे चलेगा। भोजनालय बंद करना पड़ सकता है। मुकेश जोशी, श्री आशीर्वाद भोजनालय
व्यापार पर असर तो होगा: बस स्टैंड हटने का असर तो कारोबार पर होगा। ५० फीसदी तक धंधा प्रभावित होने की आशंका है।आनंद माहेश्वरी, श्रीनाथ भोजनालय









