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ट्रांसपोर्ट व्यवसायी नदी में डूबा, दोस्तों के मोबाइल बंद

मंदसौर से दोस्तों के साथ उज्जैन दर्शन करने आया था, परिजन ने लगाए हत्या के आरोप

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। दो दिन पहले मंदसौर से दोस्तों के साथ उज्जैन दर्शन करने आए ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की शिप्रा नदी में डूबने से मृत्यु हो गई। घटना की जानकारी दोस्तों ने परिजन को नहीं दी बल्कि स्वयं के मोबाइल भी बंद कर लिए। महाकाल थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया है।

सिद्धचक्र कॉलोनी मंदसौर निवासी 40 वर्षीय कपिल गर्ग पिता सत्यप्रकाश गर्ग अपने दोस्त योगपाल बना व दो अन्य के साथ कार से उज्जैन दर्शन करने आया था। वह अपने पिता के साथ ट्रांसपोर्ट का कारोबार करता था। महाकाल थाना पुलिस ने मंगलवार दोपहर 4 बजे के करीब सिद्धआश्रम-नृसिंहघाट के बीच शिप्रा नदी से कपिल गर्ग का शव बरामद किया। उसकी पहचान नहीं होने से शव को पीएम रूम में रखवा दिया। देर रात थाने पर मंदसौर पुलिस का फोन आया। उन्होंने किसी युवक के नदी में डूबने की घटना को कंफर्म किया और मृतक की फोटो मांगी। फोटो देखकर मंदसौर पुलिस ने कपिल के परिजन को पहचान कराई और उसकी मृत्यु की सूचना दी।

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पत्नी को वीडियो कॉल पर बोला था जान को खतरा है
कपिल के जीजा दीपक सोनी ने बताया कि मंदसौर से निकलने के बाद उसका मोबाइल स्वीच ऑफ आ रहा था। सोमवार-मंगलवार की दरम्यिानी रात उसने पत्नी दिव्या को मोबाइल पर वीडियो कॉल किया और बोला था कि मेरी जान को खतरा है। यह सुनकर परिजन घबराए और मंदसौर थाने पहुंचकर उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

तीसरे व्यक्ति ने जीजा को किया फोन
सत्यप्रकाश गर्ग ने बताया कि कपिल का मोबाइल लगातार स्वीच ऑफ आ रहा था। पुलिस ने मोबाइल ट्रेकिंग पर लगाया था। मंगलवार शाम करणी सेना के व्यक्ति ने कपिल के जीजा दीपक सोनी को मोबाइल पर सूचना दी कि कपिल की उज्जैन में शिप्रा नदी में डूबने से मृत्यु हो गई है। इधर मंदसौर पुलिस ने भी महाकाल थाने से संपर्क कर घटना की पुष्टि की।

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रुपए, चेन, अंगूठी और मोबाइल नहीं मिले
सत्यप्रकाश ने बताया कि कपिल इकलौता पुत्र था। उसकी 8 माह की बेटी है। वह कार क्रमांक जीजे 12 सीडी 5442 से तीन दोस्तों के साथ उज्जेन आया था। कार योगपाल बना की है। कपिल की मृत्यु की सूचना मिलने के बाद परिजन के साथ उज्जैन पहुंचे। महाकाल थाना पुलिस से संपर्क किया। पीएम रूम में शव देखा था। कपिल के गले में सोने की चेन, हाथ में अंगूठी नहीं थी। वह अपने साथ एक बैग रखता था जिसमें 60-70 हजार रुपए हमेशा रहते थे। वह बैग भी नहीं मिला और उसका मोबाइल भी अब तक नहीं मिल पाया है।

दोस्त भागे, इस कारण शंका के दायरे में
परिजन बताते हैं कि कपिल अच्छा तैराक था, इस कारण नदी में डूबने से उसकी मृत्यु होना संदेह का कारण है। दूसरी बात यह कि जिन दोस्तों के साथ वह उज्जैन दर्शन करने आया था। उनके सामने यदि उक्त घटना हुई तो दोस्तों ने इसकी सूचना परिजन व पुलिस को क्यों नहीं दी। उन्होंने अपने मोबाइल क्यों बंद कर लिए। कपिल की चैन अंगूठी, रूपए व मोबाइल कहां हैं। इन्हीं कारणों के चलते दोस्त शंका के दायरे में आ गए हैं।

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