चौड़ीकरण: अब तक अड़े रहे खड़े हनुमान क्या हटेंगे?

भोपाल की टीम ने रात में मशीनों से की जांच, एसडीएम और पुजारी ने जांच की बात स्वीकारी
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कंठाल चौराहा-छत्रीचौक सड़क चौड़करण में अब तक अड़े रहे 170 साल पुराने खड़े हनुमान हटाए क्या जाएंगे? यह सवाल एक बार फिर सामने आ गया है। इसकी वजह भोपाल से आई टीम द्वारा रात के अंधेरे में की गई मंदिर की जांच है। एसडीएम एलएन गर्ग के नेतृत्व में यह टीम गई थी। हालांकि अफसर इस संबंध में साफ तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
दरअसल,कंठाल चौराहे से छत्रीचौक तक सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। सिंतबर महीने में यह रोड उस वक्त चर्चा में आ गया था, जब सराफा क्षेत्र में स्थित खड़े हनुमान मंदिर को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। मंदिर को टंकी चौराहा पर स्थानांतरित किया जाना था लेकिन इस बीच बवाल खड़ा हो गया।
हिंदूवादी संगठनों ने इसे मुद्दा बना दिया और सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरू हो गया। इसके चलते प्रतिमा का स्थानांतरण टल गया था। करीब दो महीने से यह प्रक्रिया रुकी हुई है, पर अब भोपाल के स्कूल ऑफ प्लानिंग एवं आर्किटेक्चर की टीम के दौरे और प्रतिमा के परीक्षण ने इस प्रक्रिया के फिर से शुरू होने की हलचल बढ़ा दी है। सोमवार की रात टीम के सदस्य मशीनों के साथ यहां पहुंचे थे और उन्होंने मंदिर की जांच की। मंदिर के पुजारी महेश बैरागी ने बताया कि जांच के वक्त वे मौजूद नहीं थे लेकिन टीम ने मशीनों से जांच की है। यह लोग बैटरी चलित मशीनें लेकर आए थे। बताया जा रहा है टीम को स्मार्ट सिटी ने बुलाया था।
जांच दिन में क्यों नहीं
मंदिर की अगर जांच करनी ही है तो दिन में क्यों नहीं की? रात के अंधेरे में आने का क्या तुक है।
शिवेंद्र तिवारी, पार्षद
दो दिन पहले गए थे। जांच क्या हुई और क्या मिला, मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता।
एलएन गर्ग, एसडीएम
मंदिर की जांच का पता नहीं है, आगे देखते हैं क्या होता है। उसके बाद फैसला करेंगे।
खगेंद्र भार्गव, संगठन मंत्री विहिप









