नोटों की माला पहनकर बोला- 3500 देने आया हूं, अफसर रह गए हैरान

ग्वालियर। नगर निगम की जनसुनवाई में मंगलवार को उस वक्त अजीब स्थिति बन गई, जब एक युवक नोटों की माला पहनकर अधिकारियों के सामने पहुंच गया। बीपीएल राशन कार्ड बनवाने के एवज में 3500 रुपए की रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर रूप सिंह बघेल नाम के युवक ने यह अनोखा कदम उठाया। उसने अधिकारियों से कहा कि उससे बार-बार पैसे मांगे जा रहे हैं, इसलिए वह अब सार्वजनिक रूप से रिश्वत देने आया है, ताकि उसका राशन कार्ड
बन सके।
पीडि़त रूप सिंह बघेल का आरोप है कि एसडीएम कार्यालय से उसके बीपीएल कार्ड का आदेश जारी हो चुका है। इसके बावजूद आदेश का पालन करने के लिए नगर निगम का एक अधिकारी उससे किस्तों में रिश्वत मांग रहा था। पहले 1500 रुपए, फिर 500 से 1000 रुपए और आखिर में 500 रुपए की मांग की गई। इसी से तंग आकर उसने निगम आयुक्त के सामने सार्वजनिक रूप से अपनी शिकायत दर्ज कराई।
रिश्वत नहीं देने पर बंद हुआ राशन
रूप सिंह का कहना है कि रिश्वत के पैसे न देने के कारण उसका राशन बंद कर दिया गया, जिससे उसका आयुष्मान कार्ड भी प्रभावित हुआ है। उसने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उसके परिवार में एक कैंसर पीडि़त मरीज है। जो व्यक्ति 500 या 1500 रुपए की रिश्वत नहीं दे सकता, वह अस्पताल का भारी-भरकम खर्च कैसे उठाएगा ? उसने वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल जांच का आश्वासन दिया जाता है; अगर कड़े निर्देश हों तो कोई कर्मचारी रिश्वत मांगने की हिम्मत नहीं करेगा।
जनसुनवाई में शहर के कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी का मामला भी सामने आया। आवेदक शिशुपाल सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि शहर में कई कोचिंग सेंटर बिना पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्थाओं के चल रहे हैं। कलेक्टर कार्यालय से फायर ऑफिसर और भवन अधिकारी को चार-पांच आदेश जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई: अपर आयुक्त
मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त प्रदीप सिंह तोमर ने बताया कि जनसुनवाई में आए सभी आवेदनों को गंभीरता से लिया गया है। रिश्वतखोरी और फायर सेफ्टी से जुड़ी शिकायतों की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।








