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उज्जैन चैरिटेबल ट्रस्ट में जिन दान दाताओं ने अस्पताल बनाने के लिए दिया था पैसा आज उन्ही को नहीं मिल रहे बेड

अस्पताल में 250 अतिरिक्त बेड लगाने की जगह मौजूद, उचित मूल्य पर पैथेलॉजी, सिटी स्कैन और दवाई पहले से ही उपलब्ध

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उज्जैन। शहर के मध्य में बने चेरिटेबल अस्पताल में बेड कम होने से कोविड मरीजों को अस्पताल में सुविधा नहीं मिल पा रही है। चेरिटेबल को बनाने में जिन लोगों ने सहयोग किया था, उन्हें प्राथमिकता देने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने कार्ड बनाकर दिए थे, अब उन लोगों को ही बेड नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं आम लोगों को भी कोविड में कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। लचर व्यवस्था से सभी परेशान हो गए हैं। अब प्रशासन को पहल करके यहां बेड बढ़ाने का जिम्मा या तो खुद उठाना चाहिए। या अस्पताल प्रबंधन को देकर सख्ती से अमल करने के निर्देश दे। क्योंकि यहांकरीब 250 बेड लग सकते हैं और मरीजों का इलाज हो सकता है।

सुविधाएं मौजूद, प्रबंधन चाहे तो करा सकता ज्यादा लोगों का इलाज
चैरिटेबल अस्पताल में उचित मूल्य पर पेथेलॉजी, सिटीस्कैन की सुविधा पहले से ही मौजूद है। जब पूरे शहर में 5000 में सिटी स्कैन होता था तब भी यहाँ 3000 में लोग सिटी स्कैन करवा रहे थे। ऐसे ही अस्पताल में दवाइयां भी उचित मूल्य पर उपलब्ध है। अस्पताल से जुड़े लोग बताते हैं की अभी भी पूरे परिसर में २५० बेड और बढ़ाए जा सकते हैं। आरडीगार्डी मेडिकल कॉलेज से जुड़े होने से यहाँ डॉक्टर्स की भी कमी नहीं है। ऐसे सर्वसुविधा युक्त अस्पताल के होते हुए बेड ना बढ़ाए जाना मौजूदा अस्पताल प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रहा है।

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सीएमओ और सुपरीटेंडेंट आए कोविड की चपेट में
शहर के मध्य में होने के कारण ज्यातर लोग सीधे चेरिटेबल अस्पताल पहुंचते हैं। परन्तु यहां हालात खराब होने लगे हैं। अस्पताल के सीएमओ और सुपरीटेंडेंट कोविड में चले गए हैं। सीएमओ रवि जैन और सुपरीटेंडेंट शिवा कोविड मरीजों को इलाज के लिए फोन से निर्देश दे रहे हैं। सेवा भारती की तरफ से अस्पताल में हेल्प डेस्क शुरू की गई है। जो यहां आने वाले मरीजों को सभी तरह की मदद कर रही है। मरीजों को उपचार में सहयोग के साथ ही भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है। हेल्प डेस्क के सदस्य मददगार बने हुए हैं।

बेड नहीं इसलिए पांच मरीज कारों में बैठे हैं
अस्पताल के फाउंडर मेंबर गोविंद शर्मा का कहना है कि वे अस्पताल में मरीजों को सहयोग करने के लिए खुद ही अस्पताल परिसर में बैठे हैं। बेड कम होने की वजह से आज पांच मरीज अभी कार में बैठे हुए हैं। जैसे ही बेड खाली होगा, मरीज को शिफ्ट करवा देंगे। एक दो मरीजों को आरडी गार्डी भी भिजवाया है। कल प्रबंधन से बेड बढ़ाने का आग्रह किया गया था, तीसरी मंजिल को भी कोविड मरीजों को खोलने का प्रस्ताव दिया है। आज कलेक्टर से बात होगी, तब फैसला लिया जाएगा।

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