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पुरातत्ववेत्ता शुभम केवलिया की पुस्तक का विमोचन

उज्जैन। शहर के युवा पुरातत्ववेत्ता शुभम पिता जुगल किशोर केवलिया द्वारा दक्षिण भारत एवं कलिंग (उड़ीसा) के प्रमुख राजवंशों व्दारा निर्मित विभिन्न मंदिरों एवं उस क्षेत्र की स्थापत्य कला व उसके क्रमिक विकास पर प्रकाश डालती एक महत्वपूर्ण पुस्तक कलिंग एवं द्रविड़ स्थापत्य कला का प्रकाशन बी.आर.पब्लिकेशन कार्पोरेशन द्वारा किया गया।

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इस पुस्तक का विमोचन सोमवार को सासाराम बिहार में आयोजित अभा इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय अधिवेशन में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्रनाथ पांडे, रासे संघ के पूर्व सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी, राष्ट्रीय संगठन सचिव अभा इतिहास संकलन योजना बालमुकुंद पांडे, देवीसिंह ठाकुर कार्यकारी अध्यक्ष अभा इतिहास संकलन योजना की उपस्थिति में हुआ।

पुस्तक के लेखक शुभम विक्रम विवि से पी.एच.डी कर रहे हैं। इसी वर्ष इनके द्वारा नरसिंहपुर एवं खंडवा जिले में नवीन पुरापाषाणिक पुरास्थल प्रकाश में लाए गए हैं। पुस्तक के बारे में जानकारी देते शुभम ने बताया कि पुस्तक में द्रविड़ शैली के मंदिरों के पूर्ण विकास क्रम को हिंदी में उल्लेखित किया गया है जिसका वर्तमान समय तक अभाव था।

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