रथ पर सवार होकर भ्रमण पर निकले इंदौर के रणजीत हनुमान

इंदौर। इंदौर के बाबा रणजीत हनुमान शुक्रवार की सुबह 5 बजे सोने के रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए शहर के भ्रमण पर निकले। उनके मनमोहक स्वरुप को देखने के लिए निहारते हुए हजारों की संख्या में भक्त भी चल रहे थे। इस दौरान अद्भुत नजारा भी देखने को मिला।

आतिशबाजी से आसमान रंगीन हो गया। हर तरफ जय रणजीत के जयकारे लग रहे थे। लोग मंच से पुष्पवर्षा करते रहे। आसमान में उड़ रहे ड्रोन भी पुष्पवर्षा कर रहे थे।
इतना ही नहीं बाबा रणजीत हनुमान के स्वागत के लिए जगह-जगह मंच भी सजाए गए थे। कोई सूखे मेवे बांट रहा था तो कोई चाय पिला रहा था। लोग नंगे पैर यात्रा में शामिल होने के लिए आए। बाबा महाकाल की सवारी की तर्ज पर पूरे लाव-लश्कर के साथ भक्तों को दर्शन देने निकले बाबा रणजीत का रथ जैसे-जैसे आगे बढ़ा, भक्तों की भीड़ बढ़ती गई। प्रभातफेरी महूनाका, अन्नपूर्णा रोड, फूठीकोठी चौराहा होते हुए मंदिर पर समाप्त हुई।
नंगे पैर शामिल हुए लोग प्रभातफेरी में स्वर्णरथ के आगे रामदरबार की पालकी चल रही थी। पालकी के आगे 12 युवक झाडू लगा रहे थे, ताकि प्रभातफेरी में नंगे पैर चल रहे हजारों लोगों के पैरों में कंकर पत्थर न चुभे।
महूनाका चौराहे लगे बड़े मंचों से यात्रा का जोरदारा स्वागत हुआ, लगातार हो रही आतिशबाजी और भगवा रंग की कतरनों से अलग ही माहौल नजर आ रहा था। रणजीत हनुमान मंदिर से लेकर महूनाका तक भीड़ ही भीड़ नजर आ रही थी। हालांकि इस बार प्रभात फेरी में डीजे पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था।
प्रभात फेरी में भजन गायकों की संख्या को बढ़ा दिया गया। तीन बैंड, छोटी भजन मंडलियों (झांझ-मृदंग पर भजन करने वाले), 5100 महिला ध्वज वाहिनी, 101 पुरुष ध्वज वाहक, नासिक की ढोल मंडली प्रभात फेरी में शामिल हुई। बता दें कि इंदौर के पश्चिम क्षेत्र में रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी की परंपरा 137 साल पुरानी है। कोरोना की वजह से दो साल इस परंपरा को विराम लग गया था, लेकिन शुक्रवार को प्रभातफेरी ने भीड़े के पिछले रिकार्ड तोड़ दिए।
वर्ष 2008 के पहले तक प्रभातफेरी छोटे रुप में निकलती थी, लेकिन धीरे-धीरे भक्तों की आस्था बढ़ती गई और परंपरा ने भव्य रुप ले लिया। अनंत चतुदर्शी पर निकलने वाली झांकियों के समान भीड़ प्रभातफेरी में जुटने लगी है। 20 वर्ष पहले तक ठेलेगाड़ी पर रणजीत बाबा की तस्वीर रखकर प्रभातफेरी निकाली जाती थी।








