सरपंच पति ने इतना प्रताडि़त किया कि ब्यावरा पंचायत सचिव ने लिया अवकाश

रोजगार सहायक को जनपद सीईओ ने सौंपा प्रभार , उज्जैन जनपद की ब्यावर पंचायत का मसला

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन. उज्जैन जनपद की ग्राम पंचायत ब्यावरा के सचिव सरपंच पति से इस कदर प्रताडि़त हुए कि वह दस दिन के अवकाश पर चले गए। सरपंच पति ने सचिव के जाली हस्ताक्षर कर खनिज उत्खनन के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र तक जारी कर दिया। सचिव ने जब इस पर आपत्ति ली तो वह उसे धमकाने लगा। धमकी से परेशान सचिव अवकाश पर चले गए हैं। सचिव का जिम्मा रोजगार सहायक इकबाल पटेल को सौंपा गया है।
पंवासा थाने के अंतगर्त आने वाली ग्राम पंचायत ब्यावरा की संरपच कागजों में तो सकीना पटेल हैं लेकिन पंचायत का सारा कामकाज पति शेखर पटेल देखते हैं। पंचायत सचिव अमृतलाल कुमावत पर वह अनैतिक काम करने का दबाव बनाता है। छह साल से सचिव का काम देख रहे अमृतलाल के शिकायती आवेदन के मुताबिक शेखर पटेल आदतन अपराधी है और उस पर दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। 3 जुलाई 2023 को उसने सचिव के साथ मारपीट की थी, जिसकी एफआईआर पंवासा थाने में दर्ज कराई गई थी।
ताजा मामला उज्जैन-गरोठ फोरलेन का निर्माण कर रही जीआरवी कंपनी को एनओसी जारी करने का है। कुमावत के मुताबिक सरपंच पति शेखर पटेल ने उसके जाली हस्ताक्षर कर कंपनी को खनिज उत्खनन की एनओसी जारी कर दी। इस एनओसी पर कंपनी ने खनन भी कर डाला। इस तरह करीब 15 लाख रुपए की राजस्व क्षति पहुंचाई गई। कुमावत के मुताबिक पटेल की धमकियों से परिवार दहशत में है। वह पंचायत का काम नहीं कर पा रहा है। कुमावत ने जाली एनओसी और दर्ज प्रकरण की एफआईआर बतौर साक्ष्य में देते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इधर इस मामले में सरपंच पति शेखर पटेल से संपर्क नहीं हो सका। जनपद पंचायत उज्जैन के सीईओ संदीप यादव ने कहा कि मामला गंभीर है और फोन पर बात नहीं हो सकती।









