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कृषि सामग्री विक्रेताओं ने दुकानें बंद रख जताया विरोध

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। इंस्पेक्टर राज के खिलाफ जिले के कृषि सामग्री विक्रेताओं ने सोमवार को अपनी दुकानें बंद रखी और प्रदर्शन किया।
कृषि आदान विक्रेता संघ के आह्वान पर जिले के सभी खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान पूर्णत: बंद रखे। व्यापारियों का यह विरोध मुख्य रूप से कृषि व्यवसाय में बढ़ते इंस्पेक्टर राज और अव्यवहारिक नियमों के खिलाफ है। दोपहर में दौलतगंज चौराहा पर सभी व्यापारी एकत्रित हुए और रैली निकाली। यह रैली मालीपुरा, देवास गेट, चामुंडा चौराहा, घंटाघर और शहीद पार्क से होते हुए माधव नगर की पहुंचेगी। इसके बाद रैली के माध्यम से व्यापारी सांसद और उपसंचालक कृषि कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से अवगत कराएंगे।

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सैंपल फेल होने पर कंपनी रहे जवाबदार
व्यापारियों की सबसे बड़ी चिंता सैंपल फेल होने की स्थिति में उन पर होने वाली कार्रवाई को लेकर है। वर्तमान में सैंपल फेल होने पर सारा दोष विक्रेता पर मढ़ दिया जाता है, जबकि उत्पादन और गुणवत्ता की पूरी जिम्मेदारी निर्माता कंपनियों की होती है। संघ की मांग है कि ऐसी स्थिति में केवल संबंधित कंपनी पर ही कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए और व्यापारी को इस प्रक्रिया में केवल एक गवाह के रूप में शामिल किया जाए।

11 सूत्रीय मांग
व्यापारियों ने शासन के सामने 11 सूत्रीय मांग पत्र पेश किया है, जिसमें लाइसेंस प्रक्रिया के सरलीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। वे चाहते हैं कि उद्यानिकी और अनाज के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेने की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। इसके अलावा, यदि किसी कारणवश लाइसेंस निलंबित होता है, तो 21 दिनों के भीतर उसकी स्वत: बहाली की व्यवस्था होनी चाहिए। व्यापारियों ने खाद पर जबरन टैगिंग बंद करने, रिटेल गोदाम तक सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने और डीलर मार्जिन को बढ़ाकर 8 प्रतिशत करने की भी पुरजोर मांग की है।

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