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निजातपुरा से गोपाल मंदिर तक पैदल घूमे अधिकारी

एसीएस डॉ. राजौरा ने परखी सिंहस्थ की तैयारियां

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। लंबे समय से चल रहे निजातपुरा क्षेत्र चौड़ीकरण का काम शनिवार को अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशनकुमार सिंह सहित पूरे प्रशासनिक दल के साथ पैदल घूमकर देखा। यहां उन्होंने वर्षा ऋतु (मानसून) को देखते हुए निर्माण कार्य की गति को बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि आम जनता को परेशानी न हो।

गोपाल मंदिर के सामने पुराने रीगल टॉकिज की जमीन पर बन रही मल्टीलेवल पार्किंग का निरीक्षण करते हुए एसीएस ने निर्देश दिए कि निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा न हो, इसके लिए अभी से ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करें। इसके बाद चामुंडा माता मंदिर चौराहा से फ्रीगंज को जोडऩे वाले निर्माणाधीन ओवरब्रिज का निरीक्षण कर उन्होंने निर्माण सामग्री की नियमित लैब टेस्टिंग करने को कहा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ से पहले इस ब्रिज का शुरू होना उज्जैन की यातायात व्यवस्था के लिए मील का पत्थर
साबित होगा।

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शनिवार सुबह अपर मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ. राजौरा ने प्रशासनिक अमले के साथ सिंहस्थ से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करने निकले थे। उन्होंने सिंहस्थ मेला कार्यालय, नवीन सड़क मार्ग, चौड़ीकरण कार्यों, गोपाल मंदिर मल्टीलेवल पार्किंग और विभिन्न प्रस्तावित पार्किंग क्षेत्रों का जायजा लिया और अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।

3 हजार हेक्टेयर में बनेगी लेवल-1 और 2 पार्किंग

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अपर मुख्य सचिव ने ग्राम सिंकदरी और गंगेड़ी के बीच प्रस्तावित पार्किंग स्थलों को भी देखा। संभागायुक्त ने बताया कि सिंहस्थ के लिए करीब 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में लेवल-1 और लेवल-2 पार्किंग क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इन पार्किंग स्थलों से शिप्रा नदी के नवीन घाटों और मेला क्षेत्र तक पहुंचने के लिए एप्रोच रोड बनाई जाएगी।
डॉ. राजौरा ने हिदायत दी कि पार्किंग स्थलों पर बारिश की स्थिति से निपटने के लिए पहले से पुख्ता वाटर-ड्रेनेज प्लान तैयार रखें। छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्लॉट तय हों। एप्रोच रोड पर वाहनों की क्रॉसिंग न हो, इसके लिए ट्रैफिक प्लान बनाने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर मार्ग पर बड़े और स्पष्ट सूचना संकेतक (साइनबोर्ड) लगाने के निर्देश दिए गए।

19.81 किमी लंबा सिंहस्थ बायपास जोड़ेगा प्रमुख मार्ग

डॉ. राजौरा ने मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) द्वारा बनाए जा रहे 19.81 किलोमीटर लंबे फोरलेन सिंहस्थ बायपास मार्ग का निरीक्षण किया। यह बायपास शहर के कई प्रमुख मार्गों को आपस में जोड़ेगा।

कार्तिक मेला क्षेत्र में उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) द्वारा बनाए जा रहे सिंहस्थ मेला कार्यालय भवन के निरीक्षण के दौरान यूडीए सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि इस दो मंजिला भवन में मेला कार्यालय, जोनल ऑफिस, हाईटेक कंट्रोल रूम, बैठक कक्ष और पार्किंग एरिया तैयार किया जा रहा है।

डॉ. राजौरा ने कहा कि इसी केंद्र से पूरे सिंहस्थ की सुरक्षा और व्यवस्थाओं का संचालन होगा, अत: इसे समय पर पूरा करें। एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, एसपी प्रदीप शर्मा, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी गोपाल डाड सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी साथ थे।

सिंहस्थ की यह प्लानिंग बताई बैठक में

फुल टाइम रहेगी बिजली: बिजली कंपनी पांच नए 33/11 केवी के सब-स्टेशन बनाएगी। 45 किमी लंबी 33 केवी लाइन और 200 मीटर की 11 केवी लाइन बिछाई जाएगी। बैकअप के लिए ट्रांसफार्मर, जनरेटर, मोबाइल लाइट टावर और अस्थाई विद्युत कंट्रोल रूम बनेंगे।
1.19 लाख अस्थाई शौचालय: निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बतायास सिंहस्थ में 1.19 लाख अस्थाई शौचालय, 23.2 हजार स्नानागार और 31.9 हजार यूरिनल्स बनाए जाएंगे।

घाटों पर रोशनी और चेंजिंग रूम: स्नान घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनेंगे। घाटों पर पर्याप्त रोशनी के लिए 12,200 एलईडी लाइट्स, 9,000 फ्लड लाइट्स और 48,100 सीरीज लाइट्स एक निश्चित दूरी पर लगाई जाएंगी।
25 करोड़ के साइनबोर्ड: सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की राह आसान करने के लिए 25.04 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सूचना संकेतक (साइनबोर्ड) लगाए जाएंगे।

सिंहस्थ में उज्जैन-इंदौर संभाग के जिलों में भी बनेगा होल्डिंग एरिया और सैटेलाइट पार्किंग

बैठक में एसीएस के निर्देश :  उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत के अनुसार हो चौराहों का सौंदर्यीकरण

उज्जैन। शनिवार को अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने प्रशासनिक संकुल भवन के सभाकक्ष में एक हाईलेवल बैठक की। जिसमें उज्जैन के तमाम आला अधिकारियों सहित इंदौर और उज्जैन संभाग के विभिन्न जिलों के कलेक्टर्स वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। संभागायुक्त आशीष सिंह ने बताया कि उज्जैन आने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन, सैटेलाइट पार्किंग और होल्डिंग एरिया की मजबूत व्यवस्था की जा रही है। एसीएस डॉ. राजौरा ने पड़ोसी जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में होल्डिंग एरिया और पार्किंग के लिए भूमि अधिग्रहण व अस्थाई सुविधाओं की तत्काल कार्य योजना तैयार करें।

पड़ोसी जिलों में सिंहस्थ की तैयारियां

इंदौर: गुलावट-थिराखेडी, हतुनिया और सहाना रोड (एनएच-52) को होल्डिंग एरिया बनाना प्रस्तावित है। इंदौर-उज्जैन नवीन वैकल्पिक मार्ग का काम तेज करने और भू-अर्जन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

खंडवा (ओंकारेश्वर)- ज्योतिर्लिंग होने के कारण यहाँ भारी भीड़ उमड़ेगी। सर्किट हाउस और नवीन आवास गृह का निर्माण कार्य तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

धार: बदनावर व पेटलावद में होल्डिंग एरिया के लिए स्थान चिन्हित करने को कहा गया है।

आगर मालवा: नलखेड़ा मां बगलामुखी मंदिर के पास पुल निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

मंदसौर: पशुपतिनाथ मंदिर फोरलेन मार्ग से नालछा माता बाईपास, दुधाखेड़ी माताजी मंदिर में भक्त निवास और पर्यटक सुविधा केंद्र का निर्माण कार्य जारी है।

देवास: शिप्रा नदी पर 8 बैराजों का निर्माण प्रगति पर है। उज्जैन-शिप्रा रोड, सिंगावदा और खटाम्बा पर होल्डिंग एरिया बनाना प्रस्तावित है।

शाजापुर: उज्जैन मक्सी मार्ग फोरलेन चौड़ीकरण और एबी रोड शहरी क्षेत्र फोरलेन निर्माण जारी।

रतलाम: जावरा होते हुए उज्जैन, मलवासा से खाचरौद और सातरूंडा-रूनिजा-बडऩगर मार्ग पर होल्डिंग एरिया प्रस्तावित हैं। उज्जैन-जावरा फोरलेन का कार्य तेज करने के निर्देश मिले।

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