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बंगाल में TMC नेता पर अंडे फेंके गए, पुलिस स्टेशन के बाहर हंगामा; जहांगीर खान को घुमाने पर भी बवाल

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता सुकुमार दत्ता को पुलिस ने भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और अन्य गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उन्हें थाने से अदालत में पेश करने के लिए लेकर जा रही थी, तब बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया और उन पर अंडे फेंके।

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सुकुमार दत्ता पर आरोप है कि उन्होंने जमीन पर अवैध कब्जा करने, स्थानीय लोगों से रंगदारी वसूलने तथा लोगों को डराने-धमकाने जैसे काम किए। उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद थाने के बाहर भी काफी संख्या में लोग जमा हो गए और उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल थे।

फलता में हाफ पैंट में पुलिस के साथ दिखाई दिए जहांगीर खान

इसी बीच पश्चिम बंगाल के फलता इलाके से भी एक अलग तस्वीर सामने आई। यहां TMC नेता जहांगीर खान पुलिस के साथ हाफ पैंट (निक्कर) में घूमते दिखाई दिए। जानकारी के अनुसार पुलिस उन्हें जांच के सिलसिले में फलता लेकर पहुंची थी।

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गौरतलब है कि 8 जून को पुलिस ने जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया था। उन पर अवैध वसूली सहित कई आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विभिन्न मामलों की जांच के लिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव

दुर्गापुर में सुकुमार दत्ता को अदालत ले जाते समय प्रदर्शनकारियों का गुस्सा साफ दिखाई दिया। कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारे लगाए तो कुछ ने उन पर अंडे फेंके। स्थिति को नियंत्रित करने और किसी अप्रिय घटना से बचाने के लिए पुलिस को बीच में आकर सुरक्षा व्यवस्था संभालनी पड़ी।

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भाजपा ने कहा- यह जनता के आक्रोश का परिणाम

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता स्वाधीन राय ने कहा कि अंडे फेंकने की घटना भाजपा द्वारा योजनाबद्ध नहीं थी। उनके अनुसार यह स्थानीय लोगों के भीतर लंबे समय से जमा गुस्से का परिणाम था।

उन्होंने आरोप लगाया कि सुकुमार दत्ता वर्षों से लोगों को धमकाने और परेशान करने का काम कर रहे थे। जनता लगातार कथित शोषण और उत्पीड़न झेल रही थी, इसलिए उनके खिलाफ लोगों में नाराजगी स्वाभाविक थी। भाजपा नेता ने मांग की कि दत्ता के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और मामले में अन्य स्थानीय TMC नेताओं की भूमिका की भी जांच की जाए।

पिछले एक सप्ताह में TMC नेताओं की गिरफ्तारी के कई मामले सामने आए

बीते सात दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के कई मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका भी दिया है।

गिरफ्तार TMC पार्षद की गाड़ी पर फेंके गए अंडे

7 जून को कोलकाता में गिरफ्तार किए गए TMC पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता को जब अदालत ले जाया जा रहा था, तब उनकी गाड़ी पर भी लोगों ने अंडे फेंके थे।

इसी दौरान सोशल मीडिया पर दो अन्य वीडियो भी तेजी से वायरल हुए। भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक स्थानीय नेता भीड़ से बचने के लिए साड़ियों के ढेर के नीचे छिपा हुआ दिखाई दे रहा था।

एक अन्य वीडियो हावड़ा का बताया गया, जिसमें कथित रूप से ‘कट मनी’ वसूलने के आरोपों का सामना कर रहे एक नेता का लोगों ने सिर मुंडवा दिया। इतना ही नहीं, उसे जूते-चप्पलों की माला पहनाकर इलाके में घुमाया गया। भाजपा के स्थानीय नेताओं ने भी इन वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया।

नेपाल सीमा के पास से पकड़े गए जहांगीर खान

TMC नेता जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 8 जून को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया था।

दक्षिण 24 परगना जिले के फलता थाने में उनके खिलाफ कुल सात प्राथमिकी (FIR) दर्ज थीं। पुलिस को आशंका थी कि वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।

समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, जहांगीर खान पर अवैध वसूली करने के आरोप हैं। वहीं कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनके समर्थकों द्वारा महिलाओं को गैंगरेप की धमकी दिए जाने के मामले भी चर्चा में रहे हैं।

विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं जहांगीर खान

जहांगीर खान ने वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में फलता सीट से चुनाव लड़ा था। चुनाव के दौरान हुई अनियमितताओं के कारण इस सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान कराया गया था।

हालांकि दोबारा मतदान से 48 घंटे पहले ही जहांगीर खान ने चुनावी मैदान छोड़ने की घोषणा कर दी थी और कहा था कि वे अपना नाम वापस ले रहे हैं। 24 मई को आए परिणामों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद से वह सार्वजनिक रूप से बहुत कम दिखाई दिए।

भीड़ के डर से बिस्तर के नीचे छिपा TMC नेता

4 जून को कूचबिहार जिले से TMC नेता शाहिदुल मियां का एक वीडियो सामने आया था, जिसने काफी सुर्खियां बटोरी थीं।

वीडियो में शाहिदुल मियां अपने ही घर के एक कमरे में बिस्तर के नीचे छिपे हुए दिखाई दिए थे। आरोप था कि उन्होंने सरकारी आवास योजना के तहत घर दिलाने के नाम पर लोगों से कमीशन लिया था।

जब बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर के बाहर जमा हो गए और विरोध शुरू कर दिया, तब वह कथित तौर पर डरकर कमरे में जाकर बिस्तर के नीचे छिप गए। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें बाहर निकालकर थाने ले गई।

‘कट मनी’ का मुद्दा वर्षों से बना हुआ है विवाद का कारण

पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘कट मनी’ लंबे समय से एक बड़ा विवादास्पद मुद्दा रहा है। आम तौर पर इसका मतलब सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, आवास योजनाओं, मनरेगा, सड़क निर्माण या अन्य सरकारी लाभों के बदले कथित रूप से कमीशन वसूलना माना जाता है।

भाजपा ने इस मुद्दे को लगातार तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है और कई बार इसे लेकर राज्य सरकार को घेरा है।

2019 में ममता बनर्जी ने भी की थी टिप्पणी

18 जून 2019 को नदिया जिले में आयोजित एक पार्टी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा था कि यदि किसी ने लोगों से ‘कट मनी’ ली है तो वह पैसा वापस कर देना चाहिए।

इसके बाद जून और जुलाई 2019 में राज्य के कई जिलों में लोग स्थानीय TMC नेताओं के घरों के बाहर पहुंचने लगे और कथित रूप से ली गई रकम लौटाने की मांग करने लगे। इसी समय भाजपा ने ‘कट मनी वापस करो’ अभियान भी चलाया था।

चुनावों में भी बना बड़ा मुद्दा

‘कट मनी’ का मुद्दा केवल स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं रहा। भाजपा ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के साथ-साथ 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी इसे प्रमुख चुनावी मुद्दे के रूप में उठाया था। अब 2026 के राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच एक बार फिर यह मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है और TMC नेताओं पर हो रही कार्रवाई ने इसे और अधिक सुर्खियों में ला दिया है।

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