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मतगणना की पारदर्शिता के लिए निर्वाचन आयोग का खास फैसला

पांच बूथों के ईवीएम-वीवीपैट वोट का मिलान जरूरी

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन मतगणना की पारदर्शिता के लिए निर्वाचन आयोग ने खास फैसला लिया है। इसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के किसी भी ५ बूथ के ईवीएम-वीवीपैट वोट का मिलान किया जाएगा। ईवीएम-वीवीपैट का चयन लाटरी के माध्यम से रैंडम बेस पर होगा। मिलान गणना उम्मीदवार, उनके निर्वाचन अभिकर्ता एवं गणना अभिकर्ताओं की मौजूदगी में की जाएगी।

विधानसभा चुनाव के लिए तीन दिसम्बर को होने वाली मतगणना के दौरान जीत की स्थिति का पता उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को भले ही पहले लग जाए,लेकिन काउंटिंग होने के बाद जीते उम्मीदवार को प्रमाण पत्र मिलने में डेढ़ से दो घंटे का अधिक समय लगेगा। यह स्थिति चुनाव आयोग द्वारा तय की गई नई व्यवस्था के चलते बनेगी। आयोग ने कहा है कि विधानसभा चुनाव के परिणाम का ऐलान कर जीते प्रत्याशी को टिकट देने के पहले इस बार वीवीपैट की पर्चियों और ईवीएम के मतों का मिलान भी किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने नए निर्देश जारी कर सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इसके क्रियान्वयन के बाद ही प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र देने के लिए कहा है।

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चुनाव आयोग ने कहा है कि हर विधानसभा क्षेत्र के पांच मतदान केन्द्रों का लाटरी द्वारा चयन कर उस बूथ की ईवीएम के मतों की गणना का मिलान उसी बूथ की वीवीपैट मशीन की पर्चियों से किया जाएगा लेकिन ऐसा काम उस विधानसभा क्षेत्र की अंतिम राउंड के वोटों की गिनती पूरी होने के बाद ही किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि लास्ट राउंड की गिनती पूरी होने के तत्काल बाद मतगणना हाल के अन्दर ही ईवीएम के वोट का वीवीपैट की पर्चियों से सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाना है। आयोग ने इस संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने को भी कहा है।

ऐसे होगा प्रक्रिया पूरी करने का काम

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आयोग के मुताबिक यह कार्य निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक की देखरेख में तथा उम्मीदवारों अथवा उनके निर्वाचन अभिकर्ता एवं मतगणना एजेंट्स की उपस्थिति में ही होगा। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम राउंड की मतगणना समाप्त होने के बाद उस विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्रों की संख्या के बराबर सफेद रंग के कागज पर पोस्ट कार्ड आकार की पर्चियां बनाई जाएंगी। इन पर्चियों पर काले अक्षरों से मतदान केंद्रों का नम्बर लिखा होगा जिसका आकार एक इंच गुणा एक इंच होगा। मतदान केन्द्रों का नम्बर अंकित पर्चियों को चार बार इस तरह फोल्ड किया जाएगा ताकि मतदान केन्द्र का नम्बर दिखाई न दे।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक चार बार फोल्ड की गई इन पर्चियों को एक कंटेनर में डालकर मिलाया जायेगा। इसके पहले पर्चियों को कंटेनर में डालकर उम्मीदवारों के एजेंट्स को दिखाया जाएगा। कंटेनर में डाली गई मतदान केन्द्र नम्बर लिखी पर्चियों में से एक के बाद एक पांच पर्चियों का रेंडम आधार पर चयन आयोग के प्रेक्षक द्वारा उम्मीदवार अथवा उनके निर्वाचन अभिकर्ता एवं गणना अभिकर्ताओं की मौजूदगी में किया जाएगा।

हर प्रत्याशी को देनी होगी सूचना सत्यापन के बाद सर्टिफिकेट

निर्वाचन आयोग के मुताबिक ईवीएम पर दर्ज वोट्स का सत्यापन वीवीपैट की पर्चियों से करने के पूर्व रिटर्निंग अधिकारी को सभी प्रत्याशियों को इसके लिए पूर्व में सूचना देनी होगी। आयोग ने ईवीएम के वोटों का मिलान वीवीपैट की पर्चियों से कराने की व्यवस्था मतगणना हॉल में ही अलग से करने के निर्देश भी दिए हैं। आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मिलान के लिए वीवीपैट के ड्राप बाक्स से निकाली गई पर्चियों को पिजन होल ट्रे में अलग-अलग खाने में रखा जाएगा।

प्रत्येक खाने पर ”नोटा” सहित उम्मीदवारों का चुनाव चिन्ह अंकित होगा जिसके अनुसार ही पर्चियां रखी जाएंगी। सभी पर्चियां खानों में रखने के बाद 25-25 पर्चियों के बंडल बनाकर उनकी गिनती की जाएगी। वीवीपैट की स्लिप की गणना के पश्चात ईवीएम की कंट्रोल यूनिट से मिलान कर एक सत्यापन पत्रक रिटर्निंग अधिकारी द्वारा जारी किया जायेगा।

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