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विक्रम कीर्ति मंदिर का पुनर्विकास शुरू, फाइनल ड्राइंग का इंतजार

फाल्स सीलिंग को हटाने के साथ डिस्मेंटल का काम पूरा, 7.95करोड़ से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। सनातन के इस महापर्व को भव्य एवं दिव्य बनाने के लिए जगह-जगह पर इंफ्रास्ट्रक्चर सहित विकास काम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शहर के प्रमुख सभागार विक्रम कीर्ति मंदिर का पुनर्विकास काम भी शुरू हो गया है। ठेकेदार चयन प्रक्रिया के पूरी होने के बाद काम दिखने लगा है।

पिछले डेढ़ माह से जारी काम के तहत अब तक ऑडिटोरियम सहित भवनों में तोडफ़ोड़ का काम पूरा हो चुका है। अब इस काम को करने का जिम्मा संभाल रही दिल्ली की कंपनी रिद्धि कंस्ट्रक्शन को फाइनल ड्राइंग का इंतजार है। इससे पहले ड्राइंग बन चुकी थी लेकिन स्मार्ट सिटी द्वारा उसमें कुछ बदलाव किए जा रहे हैं।

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दरअसल, 7.95 करोड़ रुपए की इस परियोजना का उद्देश्य परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। परियोजना के तहत सबसे बड़ा बदलाव ऑडिटोरियम में किया जा रहा है। सालों पुरानी जर्जर हो चुकी फाल्स सीलिंग को हटा दिया गया है। वहीं सीटिंग व्यवस्था और तकनीकी ढांचे में भी बदलाव किया जा रहा है। आगामी चरण में यहां नई आरामदायक सीटें, उन्नत ध्वनि प्रणाली, आधुनिक लाइटिंग, डिजिटल प्रोजेक्टर सिस्टम और एचवीएसी सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे और अत्याधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम भी स्थापित किए जाएंगे जिससे यह ऑडिटोरियम बड़े कार्यक्रमों के लिए भी सक्षम बन सके।

आधुनिक पार्किंग बनेगी
परिसर में मौजूद जर्जर ओपन थियेटर को हटाकर इसके स्थान पर सुव्यवस्थित एवं आधुनिक सतह पार्किंग बनाई जाएगी जिसमें पक्की पार्किंग, जल निकासी और प्रकाश व्यवस्था की सुविधा होगी। इससे कार्यक्रम के दौरान पार्किंग की समस्या से भी राहत मिल सकेगी।

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बांगड़ बाल भवन का भी कायाकल्प
परिसर स्थित बांगड़ बाल भवन का भी कायाकल्प शुरू हो गया है जिसके तहत यहां की दीवारों पर नए सिरे से प्लास्टर किया जाएगा। भवन की संरचनात्मक मजबूती के साथ इसके आंतरिक स्वरूप को भी नया लुक दिया जाएगा। इस भवन को एक इंटरेक्टिव सिक्का म्यूजियम में परिवर्तित किया जाएगा जिससे यह स्थान ऐतिहासिक और शैक्षणिक महत्व का केंद्र बन सके।

इसके साथ परिसर के बाहरी हिस्सों में सौंदर्यीकरण, फर्शबंदी और लैंडस्केपिंग का काम प्रस्तावित है। इस काम को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर आगामी कुछ महीनों में परिसर को नए स्वरूप में पेश किया जाएगा। काम पूरा होने के बाद इससे ना केवल सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगी बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित होगा। फिलहाल यहां ब्रिक वर्क किया जा रहा है।

इनका कहना
वर्तमान में डिस्मेंटल का काम पूरा कर लिया गया है। स्मार्ट सिटी की ओर से ड्राइंग का इंतजार किया जा रहा है। बांगड़ बाल भवन में ब्रिक वर्क चल रहा है।
सोनू राठौर
साइट इंजीनियर

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