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सिंहस्थ: मेला क्षेत्र-मास्टर प्लान की सड़कों के किनारे निगम बनाएगा सीवरेज नेटवर्क

11 जोन में रहेगा सीवरेज और 4 ब्लॉक में पेयजल नेटवर्क, तीन पैकेज में किया जाएगा काम

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ को लेकर नगर निगम ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। नगरनिगम मेला क्षेत्र और मास्टर प्लान की सड़कों के किनारे सीवरेज और पेयजल नेटवर्क तैयार करेगा। करीब 300 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 11 जोन में सीवरेज ओर 4 में पेयजल नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

दरअसल, मेला क्षेत्र में हर बार अस्थायी सीवरेज एवं पेयजल नेटवर्क खड़ा किया जाता है। इस पर हर बार काफी राशि खर्च होती है। अस्थायी सड़कें, अस्थायी सीवरेज एवं पेयजल नेटवर्क पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए इस बार स्थायी नेटवर्क बनाया जा रहा है। इसके तहत मेला क्षेत्र में 50 किलोमीटर की सड़कें उज्जैन विकास प्राधिकरण तैयार कर रहा है। 68 किलोमीटर की सड़कें मास्टर प्लान अनुसार बन रही है। इन 118 किलोमीटर लंबी सड़कों के दोनों और नगर निगम सीवरेज और पेयजल नेटवर्क विकसित करने जा रहा है।

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नगर निगम ने मेला क्षेत्र के पेयजल नेटवर्क को चार ब्लॉक में बांटा है, जबकि सीवरेज नेटवर्क को 11 जोन में। दोनों प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए तीन पैकेज बनाए गए हैं। इन्हें 4,5 एवं 6 नाम दिया गया है।

पैकेज 4- इसमें 128.32 किलोमीटर लंबा पेयजल और 98.24 किमी का सीवरेज नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसकी लागत 130.98 करोड़ रुपए होगी।

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पैकेज 5- इसमें 47.09 किमी लंबा पेयजल और 50.60 किमी लंबा सीवरेज नेटवर्क बनेगा। पैकेज की लागत 66.47 करोड़ रुपए रहेगी।

पैकेज 6- इसमें 86.23किमी लंबा पेयजल और 71.22 किमी लंबा सीवरेज नेटवर्क रहेगा। इसकी लागत 97.78 करोड़ रुपए होगी।

क्यों जरूरत पड़ी

मेला क्षेत्र में अभी अस्थायी पेयजल और सीवरेज नेटवर्क खड़ा किया जाता है। हर 12 साल में इस पर बड़ी राशि खर्च होती है।

नेटवर्क बनाने के लिए हर बार सड़कें खोदी जाती हैं, इससे मरम्मत खर्च बढ़ता है।

अब क्या होगा

नेटवर्क स्थायी होगा, ऐसे में हर 12 साल में होने वाला खर्च बचेगा।

नेटवर्क तैयार करते समय ही अस्थायी कनेक्शन देने का काम भी शुरू हो जाएगा।

रीगल टॉकिज कॉम्प्लेक्स स्लैब की डिजाइन नहीं दी, कंसल्टेंट पर 1 लाख रुपए का लगा जुर्माना

उज्जैन। रीगल टॉकिज कॉम्प्लेक्स के स्लैब की ड्राइंग डिजाइन नहीं देने पर कंसल्टेंट पर निगमायुक्त ने एक लाख रुपए की पैनल्टी लगा दी। उन्होंने स्लैब का काम तेजी से करने के निर्देश दिए।
दरअसल, निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा बुधवार रात निर्माण कामों का मुआयना करने निकले थे। वह जूना सोमवारिया, कमरी मार्ग, छत्रीचौक-ढाबा रोड, खजूरवाली मस्जिद-केडी गेट चौड़ीकरण काम देखने निकले थे। 16 जून से मोहरर्म शुरू हो रहा है और इन इलाकों में हलचल रहेगी, ऐसे में निगमायुक्त चाहते हैं कि यहां के प्रारंभिक काम तब तक पूरे हो जाए। इनमें नाली निर्माण सबसे ऊपर है। निगमायुक्त ने जल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश इंजीनियरों और ठेकेदारों को दिए।

इंजीनियर, ठेकेदारों की बैठक ली

निगमायुक्त ने निर्माण कार्यों की समीक्षा भी की। इसमें इंजीनियर और ठेकदार उपस्थित थे। निगमायुक्त ने कहा कि निर्माण स्थल पर आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। यहां रेलिंग, रिफ्लेक्टिव बैरिकेड लगाएं। अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए डी-वाटरिंग की व्यवस्था रखें। इलेक्ट्रिकल एवं डीजल पंप मौके पर रखें। मलबा जमा नहीं होने दें। मलबे को उठाने की व्यवस्था करें। नालियां चोक ना हो, इसका ध्यान रखें।

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