₹370 की बिरयानी विवाद पर भड़कीं कुशा कपिला, कॉमेडियन प्रणीत को सुनाई खरी-खोटी

कंटेंट क्रिएटर से अभिनेत्री बनीं कुशा कपिला ने स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो में हुए ‘370 की बिरयानी’ विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। वायरल वीडियो को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की सामग्री को जानबूझकर प्रकाशित किया जाता है और इसके लिए जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
कुशा कपिला ने साधा निशाना
कुशा कपिला ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी सेक्शन में कुछ वीडियो साझा किए, जिनमें उन्होंने बिना नाम लिए प्रणीत मोरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी वीडियो को एडिट कर पब्लिश करना एक सोचा-समझा फैसला होता है, इसलिए उसकी जिम्मेदारी कंटेंट बनाने वाले व्यक्ति की भी होती है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रतिक्रिया हासिल करने के लिए बनाए गए ऐसे कंटेंट को कॉमेडी नहीं कहा जा सकता। कुशा के मुताबिक, किसी खास तरह के मजाक को मंच पर पेश करना और फिर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करना पूरी तरह एक व्यक्तिगत निर्णय होता है।
महिलाओं से की खुलकर बोलने की अपील
कुशा ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी घटिया और अपमानजनक कॉमेडी के खिलाफ आवाज उठाने से नहीं डरना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक या बकवास बातें करता है तो उसकी खुलकर आलोचना की जानी चाहिए।
उनका मानना है कि ऐसे मामलों में चुप रहने के बजाय विरोध दर्ज कराना जरूरी है, ताकि इस तरह की सामग्री को सामान्य बनाने की कोशिशों पर रोक लग सके।
विवाद पर प्रणीत मोरे ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद प्रणीत मोरे ने भी सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने स्वीकार किया कि शो के दौरान जिस तरह उन्होंने प्रतिक्रिया दी, वह सही नहीं थी।
प्रणीत ने कहा कि वायरल क्लिप में दर्शक द्वारा कही गई बातें उनके व्यक्तिगत विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं। उन्होंने माना कि उस समय उन्हें उस टिप्पणी को चुनौती देनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और यह उनकी समझ की कमी थी।
क्या है पूरा विवाद?
पूरा मामला एक स्टैंडअप शो की वायरल क्लिप से जुड़ा है। वीडियो में एक दर्शक महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करता दिखाई देता है। सोशल मीडिया यूजर्स का आरोप है कि उस टिप्पणी का विरोध करने के बजाय प्रणीत मोरे हंसते नजर आए।
वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसका विरोध किया। इसी वजह से प्रणीत मोरे को ऑनलाइन आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।








