डेढ़ करोड़ भक्तों की आस्था ने भरी मंदिर की तिजोरी

आस्था का अनूठा सैलाब उमड़ा : अबके बरस सावन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में रिकॉर्डतोड़ दर्शनार्थी
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस बार सावन के 30 दिनों मेें आस्था का अनूठा सैलाब उमड़ा। पूरे महीने में देश-विदेश से आए 1 करोड़ 54 लाख 65 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान भक्तों ने मंदिर समिति का खजाना भी भर दिया।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में इतिहास में पहली बार एक महीने के भीतर महाकाल के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा डेढ़ करोड़ के पार पहुंचा है, जो पिछले वर्ष (2025) के 72 लाख श्रद्धालुओं की तुलना में दोगुना से भी अधिक है। मंदिर समिति के रिकार्ड के मुताबिक सावन में श्री महाकालेश्वर मंदिर के भीतर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 1 करोड़ 10 लाख 90 हजार 725 दर्ज की गई। चार सवारियों और नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 43,75,000 रही। इन सबको मिलाकर कुल दर्शनार्थियों का यह ऐतिहासिक आंकड़ा 1 करोड़ 53 लाख 75 हजार तक पहुंच गया।
शीघ्र दर्शन से 14 करोड़ कमाए
सावन के दौरान मंदिर समिति ने शीघ्र दर्शन के लिए 5 लाख 66 हजार 350 टिकट जारी किए, जिससे मंदिर को 14 करोड़ 22 लाख 37 हजार 500 रुपए की आय हुई। इसके अलावा, इस अवधि में 2180 क्विंटल से अधिक लड्डू प्रसादी की बिक्री हुई, जिससे मंदिर समिति के खाते में 10 करोड़ 32 लाख 73 हजार रुपए आए हैं।
अव्यवस्थाएं : एक झलक भी नहीं देख सके ठीक से
सावन में दूर-दूर से आए भक्तों ने महाकाल मदिर समिति का खजाना भर दिया। जबकि मंदिर समिति सिर्फ वीआईपी सेवा में लगी रही। सावन तैयारियों में कई खामियां भी रही।
गणेश मण्डपम् के बैरिकेड्स में खड़ा आम दर्शनार्थी नंदी हाल और गर्भगृह की देहरी से दर्शन कर रहे वीआईपी की वजह से एक झलक दर्शन भी ठीक तरह से नहीं कर सका।
नागपंचमी के दिन भी चार घंटे से अधिक कतार में खड़े रहकर दर्शन को पहुंचा श्रद्धालु श्री नागचंद्रेश्वर को देख पाता उसके पहले ही धक्का देकर हटा दिया गया। जबकि वीआईपी और अफसर परिवार सहित आराम से अंदर अभिषेक करते रहे।
सवारी के पहले सभा मंडप वीआईपी/अफसरों के कब्जे में रहा। छह फीट ऊंचे बैरिकेड्स में फंसे आम दर्शनार्थी को बाबा की झलक भी नहीं मिली।
दावे के मुताबिक त्रिवेणी द्वार, हरसिद्धि द्वार और नीलकंठ द्वार से बुजुर्ग/असहाय दर्शनार्थियों को ई-कार्ट नहीं मिल सकी, ये गाडिय़ां वीआईपी सेवा में लगी रही।
व्हीलचेयर व्यवस्था सावन में ध्वस्त रही। भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्था नहीं करने से श्रद्धालु को इंतजार में घंटों खड़ा रहना पड़ा।
आम दर्शनार्थी मंदिर प्रांगण में विराजित श्री साक्षी गोपाल, पुराना महाकाल सहित एक दर्जन से अधिक प्राचीन मंदिरों के दर्शन नहीं कर सका। उसे टनल से बायपास कर दिया गया।









