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महाकाल कॉरिडोर के पास दुकानदार से मारपीट

हरसिद्धि चौराहा पर युवकों ने मचाया उत्पात

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर के आसपास सैकड़ों की संख्या में ठेले, गुमटी, दुकानें संचालित हो रही हैं। दुकानों का संचालन कौन कर रहा है, कौन कर्मचारी काम कर रहे हैं इसकी जानकारी न तो प्रशासन के पास है और न ही पुलिस के पास। क्षेत्र में आए दिन विवाद, मारपीट की वारदातें हो रही हैं जिससे शहर की छवि धूमिल होने के साथ ही बाहर से आने वाले यात्री भयभीत होते हैं। शनिवार को भी महाकाल क्षेत्र के दो स्थानों पर मारपीट की घटनाएं हुईं जिनमें पुलिस ने केस दर्ज किया है।

महाकाल थाने से मिली जानकारी के अनुसार जयसिंहपुरा निवासी गणेश पिता लाल माली महाकाल कॉरिडोर के पास भक्ति भंडार की दुकान संचालित करता है। दोपहर में उसकी दुकान पर चंदन, अजय, भावेश पहुंचे। उक्त युवक होटल के पीछे रहते हैं। उन्होंने गणेश माली से गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर दी। परिजन ने उसे चरक अस्पताल पहुंचाया। इसी प्रकार हरसिद्धि फुटपाथ पर रहने वाले गणेश मराठा पिता प्रकाश मराठा का प्रकाश नगर में रहने वाले लखन पिता दयाराम से विवाद हुआ। विवाद के बाद दोनों में हरसिद्धि चौराहे पर ही जमकर मारपीट हुई। दोनों घायल होने पर चरक अस्पताल उपचार कराने पहुंचे। पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

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तत्कालीन कलेक्टर मनीष सिंह ने दिए थे निर्देश
कुछ वर्ष पूर्व महाकालेश्वर मंदिर के पास भक्ति भंडार की दुकान चलाने वाले व्यक्ति द्वारा एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। उस दौरान तत्कालीन कलेक्टर मनीष सिंह ने पुलिस को निर्देश दिए थे कि महाकालेश्वर मंदिर, हरसिद्धि, रामघाट क्षेत्र में संचालित होने वाली सभी दुकानों के रिकॉर्ड संधारित किए जाएं साथ ही दुकानों, होटलों पर काम करने वाले कर्मचारियों के आधार, उनका पुलिस वेरिफिकेशन भी पुलिस अपने पास रखे ताकि किसी भी यात्री के साथ आपराधिक घटना होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। महाकाल थाना पुलिस ने कुछ समय तक निर्देश का पालन किया लेकिन वर्तमान में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

हादसा होने पर हटाते और फिर लग जाती हैं दुकानें:

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मारपीट, हादसा, चाकूबाजी की घटनाएं होने पर प्रशासन द्वारा मंदिर क्षेत्र के आसपास अतिक्रमण, अवैध दुकानें, ठेले, गुमटी हटा दिए जाते हैं और मामला जैसे ही ठंडा पड़ जाता है, लोग घटना भूल जाते हैं तो फिर से अतिक्रमण भी हो जाता है और लोग अवैध तरीके से ठेले, गुमटी स्थापित कर लेते हैं।

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