ग्राउंड पर उतरे पुलिस के पूर्व अफसर, रामघाट क्षेत्र देखा

पूर्व आईजी सरबजीत सिंह और पूर्व एसपी मनोहर वर्मा ने किस तरह से व्यवस्थाएं बनाई जाएं, अपने अनुभव साझा किए

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे तैयारियां भी तेज हो गई हैं। प्रशासन के साथ पुलिस अधिकारी भी सिंहस्थ के लिए रणनीति बनाने उसे अमलीजामा पहनाने में जुटे हुए हैं ताकि सिंहस्थ को सुरक्षित, सुविधाजनक के साथ सफल बनाया जा सके। इसके लिए बुधवार को डीजीपी ने ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यक्रम की शुरुआत की थी जिसके तहत राज्यभर से मास्टर्स ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे। इसके बाद गुरुवार को पुलिस के पूर्व अधिकारी मैदान में उतरे और वर्तमान पुलिसकर्मियों के साथ रामघाट सहित अन्य जगहों का दौरा करने पहुंचे।
रामघाट पर पूर्व आईजी सरबजीत सिंह और पूर्व एसपी मनोहर वर्मा ने सिंहस्थ में होने वाले स्नान को लेकर किस तरह से व्यवस्थाएं बनाई जाएं, इसे लेकर अपने अनुभव साझा किए। इसके बाद पूर्व अधिकारियों ने अन्य जगहों का दौरा भी किया।
दरअसल, सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार मेले को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के जरिए हाईटेक बनाया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निगरानी और अधिक मजबूत हो सके। संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां विशेष पुलिस बल तैनात किए जाएंगे।
सीसीटीवी कैमरों के साथ एआई का उपयोग कर संदिग्ध गतिविधियों और लोगों की पहचान की जाएगी। क्राउड मैनेजमेंट, लापता लोगों की खोज, महिला सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है ताकि सिंहस्थ महापर्व को हर तरह से सुरक्षित बनाया जा सके। सिंहस्थ के दौरान आने वाले ३० करोड़ श्रद्धालुओं संभावित भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक प्लान भी तैयार किया जा रहा है।
डीजीपी ने भी शेयर किया था एक्सपीरियंस
बता दें कि डीजीपी कैलाश मकवाना ने बुधवार को सिंहस्थ की तैयारियों की सराहना करते हुए पिछले सिंहस्थ का अनुभव साझा किया था उन्होंने कहा सिंहस्थ जैसा विशाल आयोजन केवल प्रभावी योजना, समन्वय एवं लगातार ट्रेनिंग से ही सफल हो सकता है। उन्होंने पुलिस बल को हर प्रकार की इमरजेंसी स्थिति में तैयार रहने, टेक्निक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल और जनसहयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे।









