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दोपहर में किया शिप्रा पूजन, रात अधिकमास के चलते स्थगित की पेशवाई-स्नान

जूना अखाड़ा आज शाम नीलगंगा पर करेगा मां गंगा की आरती

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जूना अखाड़े ने दो दिनी गंगा-दशहरा उत्सव के तहत सोमवार की दोपहर चिंतामन गणेश और मां शिप्रा का समारोहपूर्वक पूजन किया लेकिन शाम होते-होते उसने मंगलवार को उत्सव के क्रम में होने वाली पेशवाई और स्नान के कार्यक्रम निरस्त कर दिए। अब सिर्फ शाम के समय नीलगंगा मंदिर में मां गंगा की आरती होगी।

दरअसल जूना अखाड़ा हर साल बड़े पैमाने पर गंगा-दशहरा उत्सव मनाता है। इस कड़ी में पेशवाई निकाली जाती है और नीलगंगा सरोवर पर स्नान किया जाता है। स्नान से पहले पेशवाई भी निकाली जाती है। यह मिनी सिंहस्थ का नजारा भी प्रस्तुत करती है। गंगा-दशहरा उत्सव की कड़ी में सोमवार को काशी-सुमेरू पीठ के शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती के सानिध्य जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक महंत हरि गिरि, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रवींद्र पुरी के मार्गदर्शन में संतों ने मां शिप्रा का पूजन किया।

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इससे पहले चिंतामन गणेश मंदिर में भी पूजन किया गया। इस मौके पर जूना अखाड़े के वरिष्ठ अध्यक्ष महंत प्रेमगिरि, उमाशंकर भारती, केदारपुर महाराज, महेश पुरी, जूना अखाड़ा की १३ मढ़ी के अध्यक्ष नारायण गिरि ने हवन भी किया। इस दौरान आनंदपुरी, रामेश्वरनंद गिरि, आदित्य गिरि, रत्न गिरि, गिरीशनंद गिरि, सुंदरपुरी, ब्रह्मलीन पायलट बाबा की प्रमुख शिष्या केको आइकोवा, महामंडलेश्वर चेतनानंद गिरि, श्रद्धानंद गिरि, राघवेंद्र पुरी, विद्या गिरि, परमानंद गिरि, चांद गिरि, नीलकंठ गिरि, मोनानंद गिरि, भास्करानंद गिरि आदि मौजूद थे।

सुबह विधिवत कार्यक्रम होने के बाद शाम को गंगा दशहरा में नीलगंगा सरोवर और दत्त अखाड़ा घाट पर होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए। महंत हरिगिरि महाराज ने बताया कि अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि ने अधिकमास के चलते सारे कार्यक्रम स्थगित करने का संदेश भेजा था। इसके बाद कार्यक्रम स्थगित करने का फैसला किया गया। अब नीलगंगा सरोवर पर सिर्फ मां गंगा की आरती शाम को होगी।

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