कहीं कोई सिस्टम नहीं, तीन दिन रहेगी बारिश से राहत

उज्जैन। उज्जैन में अगले तीन दिन तक तेज बारिश की संभावना नहीं है। लोकल माइश्चर के कारण कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के भोपाल कार्यालय के अनुसार गरज चमक के साथ तेज हवा चलेगी। बारिश के कारण शहर में चल रहे निर्माण कार्यों पर रोक लग गई है जबकि अधूरे निर्माण के कारण फैल रहे कीचड़ से लोगों को परेशानी हो रही है। अभी तो आषाढ़ महीना चल रहा है। आने वाले दिनों में सावन लग जाएगा तब परेशानी और बढ़ जाएगी।
उज्जैन शहर में बारिश का आंकड़ा अब तक ४२६.६ मिमी (16.79 इंच) तक पहुंच चुका है जो अब तक की अवधि की औसत वर्ष से अधिक है। फिलहाल आसमान में कोई सिस्टम या चक्रवात नहीं बना है इसलिए 9 जुलाई से शहर में बारिश नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन और बारिश की संभावना नहीं है। यदि बारिश हुई तो वह हवा में स्थानीय नमी के कारण होगी। मानसून की बारिश नहीं होगी।
औसत बारिश के लिए 19.79 इंच की जरूरत
उज्जैन जिले की औसत बारिश ३६ इंच है। जिले को अभी भी 19.79 इंच बारिश की दरकार है। सबसे अधिक वर्षा तराना में तथा सबसे कम वर्षा माकड़ौन तहसील में हुई है। जानकारी के अनुसार अब तक घट्टिया में 293 मिमी, खाचरौद में 192 मिमी, नागदा में 300.2 मिमी, बडऩगर में 254 मिमी, महिदपुर में 348 मिमी, झारडा में 354 मिमी, तराना में 374 मिमी, माकड़ौन में 139 मिमी वर्षा हुई है।
पानी का स्टोरेज बढ़ा
उज्जैन में जल प्रदाय का पानी स्टोर करने के लिए गंभीर बांध का उपयोग होता है। बारिश के कारण गंभीर बांध के पानी का स्टोरेज बढ़ा है। बारिश के कारण शिप्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। इसलिए स्टोरेज के लिए बनाए डेम में पर्याप्त स्टोरेज की संभावना है।
बारिश रुकी तो दिन और रात का तापमान बढ़ा
बारिश रुकने के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई है। बारिश के कारण जहां दिन का तापमान 31 डिग्री तक गिर गया था अब बारिश रुकने के कारण डेढ़ डिग्री बढ़ गया है। इसकी तुलना में रात के न्यूनतम तापमान में करीब ढ़ाई डिग्री वृद्धि हुई है। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री से बढ़कर 24.5 डिग्री तक पहुंच गया है। तापमान बढऩे के कारण उमस का वातावरण बना हुआ है।









