महाकाल मंदिर : होमगार्ड मिले न सीआईएसएफ, थाने का भी पता नहीं

श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुरक्षा में बार-बार लग रही सेंध, व्यवस्था में एकरूपता होना भी जरूरी
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर मेें सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के कई बार दावे किए गए लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा। ऐसे में आए दिन मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगती है। शुक्र है सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आम दर्शनार्थी या फिर वीडियो क्रिएटर हैं जिससे अन्य लोगों को खतरा नहीं है। महाकाल मंदिर में पिछले एक सप्ताह में दो ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमेें आम दर्शनार्थी मंदिर के सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर अंदर प्रवेश कर गए।
एक मामले में तो कपल ने अंदर जाकर न सिर्फ भगवान महाकाल के सामने एक-दूसरे को रिंग पहनाई, बल्कि इसके पूरे घटनाक्रम का फोटो-वीडियो बनाकर रील भी चलाई। दूसरा मामला शनिवार का है जिसमें वीडियो क्रिएटर हिडन (चश्मे में छिपा) कैमरा अंदर ले गए। हालांकि, वे बाद में पकड़े भी गए। इनके अलावा दिनभर गर्भगृह की देहरी, नंदी हॉल में दर्शन करने वाले वीआईपी भी फोटो-वीडियो बनाते हैं, जबकि यह प्रतिबंधित है। इन घटनाओं से अन्य दर्शनार्थियों की सुरक्षा पर तो खतरा नहीं है लेकिन मंदिर के सुरक्षा नियम की धज्जियां उड़ रही है, जो नहीं होना चाहिए।
हिडन कैमरे वाला चश्मा पहनकर पहुंचे युवक
महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार रात को तीन युवक हिडन कैमरा लगा चश्मा पहनकर मंदिर पहुंचे थे। चैकिंग के दौरान शंका होने पर सुरक्षाकर्मियों ने इन युवकों को पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि तीनों युवक इंदौर के रहने वाले हैं। युवकों ने बताया कि वीडियो क्रिएटर हैं। मंदिर समिति ने उनके कैमरे के डेटा को चैक किया। सुबह तक उन्हें महाकाल पुलिस के हवाले नहीं किया गया था। टीआई गगन बादल ने बताया कि ऐसे किसी भी युवकों को पुलिस थाने नहीं लाया गया है।
निजी सुरक्षागार्ड पर्याप्त नहीं हैं मंदिर के लिए
महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था इन दिनों निजी कंपनी कोर सर्विसेज प्रालि के 800 से अधिक सुरक्षागार्ड के जिम्मे है। महाकाल पुलिस और होमगार्ड सहयोग करते हैं। महाकाल महालोक बनने के पहले मंदिर में रोज करीब 20-25 हजार दर्शनार्थी आते थे, जो अब बढ़कर एक से डेढ़ से लाख प्रतिदिन हो गए हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ निजी कंपनी के भरोसे नहीं होना चाहिए।
सीआईएसएफ को सुरक्षा सौंपने की मांग भी आई थी
देश के अन्य प्रमुख मंदिर जैसे काशी विश्वनाथ, अयोध्या, तिरुपति बालाजी की तरह महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) को सौंपने की मांग उठ चुकी है। यह मांग सांसद अनिल फिरोजिया गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उठा चुके हैं। उनके बाद राज्यसभा सांसद उमेशनाथ महाराज राज्यसभा में भी सीआईएसएफ सुरक्षा की मांग उठा चुके हैं। हालांकि इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ।
विशेष होमगार्ड बल और थाने का इंतजार
सीएम डॉ. यादव ने 19 अगस्त 2024 को महाकाल मंदिर के लिए विशेष होमगार्ड बल और महाकाल महालोक थाने की घोषणा की थी। इसके बाद करीब चार महीने पहले कैबिनेट की बैठक मेें राज्य सरकार ने महाकाल मंदिर के लिए विशेष रूप से चार होम गार्ड कंपनियों के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी भी दी थी। जिसके तहत कुल 488 जवानों की भर्ती की जाना थी। भोपाल स्थित होम गार्ड मुख्यालय से गृह विभाग को भर्ती के लिए औपचारिक स्वीकृति हेतु एक प्रस्ताव भेजा गया है। भर्ती प्रक्रिया कर्मचारी चयन बोर्ड (ईएसबी) के माध्यम से संचालित की जाना थी। जिसमें किया गया था कि इस विशेष होम गार्ड कैडर में नियुक्त कर्मियों का तबादला कहीं और नहीं किया जाएगा और उन्हें मंदिर के अलावा अन्य ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। इतना सब होने के बाद भी अभी तक न तो होमगार्ड नियुक्ति का विज्ञापन सामने आया और न ही महाकाल महालोक थाने की फाइल आगे बढ़ी।
सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बना रहे
मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने में सभी जुटे हैं। माननीय मुख्यमंत्री की पहल पर मंदिर के लिए होमगार्ड की नई कंपनी बनाकर जवानों की भर्ती के निर्देश जारी हुए हैं। भोपाल स्तर पर कार्रवाई चल रही है। हमारे पास कोई अपडेट नहीं है। मंदिर मेें अगर खाकी वर्दीधारी व्यवस्था संभालेंगे तो निश्चिततौर पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी।
– दिलीप बामनिया, मंदिर सुरक्षा अधिकारी, प्लाटून कमांडर होमगार्ड









