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अधिक मास में नाली के पानी से गुजरे भक्त, सावन में आस्था आहत ना हो

अगले 45 दिन अग्नि परीक्षा के

 

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कचरे के ढेर, सड़कों पर नाली का पानी, रास्ते बंद : यह है महाकाल क्षेत्र की कहानी

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अधिकमास में चौरासी महादेव, नौ नारायण और सप्त सागर की यात्रा करने आए श्रद्धालुओं को नाली के पानी से होकर मंदिरों में जाना पड़ा। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अधिकमास के पहले हालात सुधारने के दावों के बीच दानी गेट गंदगी के हालात साफ देखे गए। यात्रा मार्ग में गंदगी, सड़कों पर जाम जैसी और भी समस्याओं से श्रद्धालुओं का सामना हुआ। एक महीने बाद सावन शुरू होने वाला है। उस वक्त अधिकमास से कई गुना अधिक श्रद्धालु रोज उज्जैन आएंगे। भगवान महाकालेश्वर की सवारी निकलेगी। अब सावन में आस्थाएं आहत न हो, ऐसे प्रयास में अफसरों को तेजी से जुटना होगा।

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शहर की पहचान धार्मिक नगरी के रूप में है। मन में अटूट आस्था लिए रोज हजारों लोग देश-विदेश से यहां आते हैं। लेकिन जब विशेष मौकों पर भी उन्हें मूलभूत सुविधाएं (खासकर सफाई) नहीं मिलती तो मन दु:खी होता है। ढाबा रोड सड़क चौड़ीकरण के वक्त जिम्मेदारों को बताया गया था कि इलाके में दो दर्जन से अधिक मंदिर (84 महादेव और 9 नारायण) ऐसे हैं जहां रोज हजारों दर्शनार्थी अधिकमास में जाएंगे। उस वक्त प्रशासन के जिम्मेदारों (अधिकारी व जनप्रतिनिधि दोनों) ने दावा किया था कि एक श्रद्धालु को भी परेशानी नहीं आयेंगी। लेकिन पूरे अधिकमास लोगों को दानी गेट पर सड़क पर बहते नाली के पानी से गुजरना पड़ा, पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक जाम रहा। जगह-जगह कचरे के ढेर मिले, पेयजल की व्यवस्था शासन स्तर पर कहीं नहीं थी… और भी कई समस्याओं से श्रद्धालुओं का सामना हुआ।

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क्षीरसागर का पानी साफ करने के लिए नैनो डिफ़ाटर सॉफ्ट एरिटर तकनीक के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए गए। लेकिन पानी आज भी पहले की तरह ही गंदा और बदबूदार है।

हरिसिद्धि मंदिर के पास लगा कचरे का ढेर। सामने ही नगर निगम ने 3 आर सेंटर बनाया है। ऐसे ढेर क्षेत्र में कई जगह देखें जा सकते हैं।

सप्त सागर : सफाई के लिए पंडे-पुजारी मांग रहे दान
सप्त सागर में पूजन के बाद प्रत्येक श्रद्धालु को सफाई के लिए अलग से 10-20-50 रुपए का दान वहां मौजूद पंडे-पुजारी को देना पड़े। इनका तर्क था सफाई की व्यवस्था उन्होंने निजी तौर पर की थी, इसका रुपया वे ले रहे हैं। रुद्र सागर, गोवर्धन सागर, रत्नाकर सागर उंडासा, विष्णु सागर आदि जगह पर सफाई के रुपए लिए जा रहे थे।

30 जुलाई से सावन, इसके पहले हालात सुधारना जरुरी

30 जुलाई से सावन शुरू हो जाएगा। ठीक 45 दिन का वक्त प्रशासन के पास है, जिसमें महाकाल क्षेत्र और खासकर महाकाल सवारी मार्ग के निर्माण कार्यों सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं ओके करना है। यह टॉस्क अग्निपरीक्षा की तरह है।

इनका कहना: महाकाल क्षेत्र और हरसिद्धि क्षेत्र में 24 घंटे सफाई व्यवस्था के लिए टीम तैनात रहती है। अगर कहीं गंदगी होगी तो सफाई करवाएंगे। सावन के पहले पूरा सवारी मार्ग ठीक होगा, ताकि सवारी अच्छे से निकले और लोगों को भी परेशानी न हो।
– पवनकुमार सिंह
अपर आयुक्त नगर निगम

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