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संवरेंगे कालभैरव और मंगलनाथ सहित कई देवस्थान

उज्जैन के प्रमुख मंदिरों के कायाकल्प की कार्ययोजना पर लगी मुहर, दिया जा रहा है अंतिम रूप

 

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर के श्री कालभैरव मंदिर, श्री अंगारेश्वर मंदिर, श्री मंगलनाथ मंदिर, श्री सिद्धवट मंदिर, महर्षि सांदीपनि आश्रम, भूखीमाता मंदिर और श्री नवग्रह शनिमंदिर का कायाकल्प करने के लिए तैयार सरकारी योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। योजना के तहत मंदिरों को नया, भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

रविवार को संभागायुक्त आशीष सिंह तथा कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने कार्य योजना की बारीकियों को समझा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप सभी प्रमुख मंदिरों का विस्तारीकरण कार्य बेहद तेजी से और समय सीमा में प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में इन प्रमुख धार्मिक स्थलों का विस्तार होने से यहां आने वाले भक्तों को सहज, सुरक्षित और सुगम दर्शन की सुविधा मिल सकेगी। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधोसंरचना विकास के कार्यों को लगातार गति दी जा रही है।

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सुविधाएं बढ़ेंगी, प्राचीन स्वरूप यथवत रहेगा

बैठक में उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि मास्टर प्लान में सिर्फ मंदिर परिसर ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी तमाम नागरिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। उन्होंने दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था, बड़े स्तर पर पार्किंग, विश्राम के लिए अत्याधुनिक फैसेलिटी सेंटर का निर्माण यहां किया जाएगा।

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मंदिरों के आसपास होने वाला पूरा निर्माण कार्य पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल (इको-फ्रेंडली) होगा, जिससे वहां की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण को कोई नुकसान न पहुंचेगा। इसके साथ ही पीएम एकता मॉल के समीप बनने वाले विराट स्वरूप परिक्षेत्र के लिए तैयार की गई विशेष कार्ययोजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई।

प्राकृतिक वातावरण में भक्तों को होगी श्रद्धा की अनुभूति

संभागायुक्त ने पूरी कार्ययोजना पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कागजी और प्रशासनिक प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर धरातल पर काम शुरू कराया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि प्राकृतिक और पारंपरिक पर्यावरण के अनुरूप जब इन मंदिरों का विस्तार होगा, तो श्रद्धालुओं को न केवल दर्शन में सुविधा होगी, बल्कि वे यहाँ एक अद्भुत और अलौकिक आनंद की अनुभूति कर सकेंगे।

बैठक में निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक, स्मार्ट सिटी के सीईओ संदीप शिवा सहित संबंधित मंदिरों के प्रबंधक, विकास प्राधिकरण व स्मार्ट सिटी के वरिष्ठ इंजीनियर तथा तकनीकी अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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