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28 पिलर के लिए गड्ढे खोदने के साथ हटाई जा रही मिट्टी

सिंहस्थ 2028 के लिए माधवनगर रेलवे स्टेशन के समीप होल्डिंग एरिया का काम शुरू

 

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पेड़ हटाने के कारण रुका था काम, मुख्य स्टेशन पर भीड़ का दबाव होगा कम

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। आगामी सिंहस्थ में भारी भीड़ को नियंत्रित करना और ट्रेनों की सुगम आवाजाही के लिए रेलवे द्वारा विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है। इसी के तहत उज्जैन रेलवे स्टेशन के समीप नीलगंगा और इंदौरगेट क्षेत्र में 50 हजार पैसेंजर्स की क्षमता वाले होल्डिंग एरिया (यात्री प्रतीक्षा क्षेत्र) बनाए जा रहे हैं। इन होल्डिंग एरिया में सिंहस्थ के दौरान जुटने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को स्टेशनों पर सीधे जाने से रोका जाएगा। यहां यात्रियों के बैठने, पेयजल और टिकट की सुविधा होगी ताकि स्टेशन पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति ना बने। सुरक्षा और टिकट जांच के बाद ही यात्रियों को एंट्री दी जाएगी।

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नीलगंगा क्षेत्र में माधवनगर रेलवे स्टेशन के समीप होल्डिंग एरिया का काम देख रहे वायएसएम कंपनी के साइट इंजीनियर संदीप कुमार ने बताया कि 10 जून से काम की शुरुआत हुई थी। होल्डिंग एरिया के लिए पीसीसी वर्क का काम हो चुका है। कुछ पेड़ बाधक बन रहे थे जिसकी वजह से काम को रोका गया था लेकिन पेड़ हटाने के बाद अब काम फिर शुरू हो गया है। यहां पर 28 पिलर बनाए जाएंगे जिसके लिए कुछ जगह पर गड्ढे खोदे जा चुके हैं जिसके लिए लोहे के कॉलम बनाकर लगाए जा रहे हैं तो शेष जगह गड्ढे खोदने का काम चल रहा है। इसके अलावा मशीनों की मदद से मिट्टी निकालकर हटाई जा रही है।

दोनों छोरों पर बन रहे

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पुराने शहर की ओर से आने वाले यात्रियों को इंदौरगेट क्षेत्र में बनाए जा रहे होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा। इसकी क्षमता करीब 20 हजार यात्रियों की होगी। इसके लिए रेलवे प्रशासन ने इंदौरगेट क्षेत्र में बने रेलवे कर्मचारियों के मकानों को कुछ महीने पहले तोड़ दिया था। नीलगंगा क्षेत्र में भी रेल कर्मचारियों के क्वाट्र्स को तोड़कर होल्डिंग एरिया का काम किया जा रहा है। यहां करीब 30 हजार यात्रियों को रोका जा सकेगा। वर्ष 2027 में इसे पूरा किया जाना है जिसके चलते अब तेजी से काम किया जा रहा है।

नियंत्रित तरीके से जाएंगे पैसेंजर

सिंहस्थ के दौरान दोनों होल्डिंग एरिया में से यात्रियों को गुजारा जाएगा। मुख्य स्टेशन पर भीड़ ना बढ़े, इसके लिए व्यवस्थित और नियंत्रित तरीके से श्रद्धालुओं की भीड़ को प्लेटफॉर्म पर भेजा जाएगा। ट्रेनों के आगमन के अनुसार यात्रियों की टिकट जांच, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। बता दें कि पिछले सिंहस्थ की तुलना में इस बार तीन गुना ट्रेन यानी 7800 ट्रेन देशभर से चलाई जाएंगी।

इनका कहना
भीड़ नियंत्रण के लिए होल्डिंग बनाए जा रहे हैं। सिंहस्थ से पहले वर्ष 2027 में इन कामों को पूरा करना है।
– मुकेश कुमार,
पीआरओ, पश्चिम रेलवे

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