बादल छाएंगे, पर सोमवार तक बरसने की संभावना नहीं

पूर्वी मध्यप्रदेश में हल्की बारिश की संभावना, पश्चिमी मध्यप्रदेश में तो मौसम ड्राय ही रहेगा
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। आषाढ़ की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश पर ग्रहण लग गया है। उज्जैन शहर में पिछले 8 दिन से बारिश नहीं हुई है। यहां अब तक बारिश का आंकड़ा 426.6 मिमी पर ही ठहरा हुआ हैै। फिलहाल बादल छाएंगे परंतु उज्जैन में इनके बरसने की संभावना अगले सोमवार तक नहीं है। मौसम विभाग के भोपाल कार्यालय के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी मध्यप्रदेश में 20 जुलाई तक बारिश की संभावना नहीं है। बारिश में ठहराव के कारण तापमान भी उछलने लगा है। पिछले सप्ताह दिन और रात के तापमान में 8-9 डिग्री से ज्यादा अंतर रहा। तापमान अधिक होने और बादल छाए रहने से उमस बढ़ रही है और लोगों को परेशानी हो रही है। इन दिनों दिन का तापमान 34 डिग्री से ऊपर चला गया है। रात का तापमान 24 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
भोपाल कार्यालय के मौसम विज्ञानी एचएस पांडेय ने बताया पूर्वी मध्यप्रदेश में कहीं-कहीं गरज चमक के साथ छींटे पडऩे या बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है परंतु सैटेलाइट से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले पांच दिन तक उज्जैन और आसपास क्षेत्र में बारिश की संभावना नहीं के बराबर है। इसके आगे की स्थिति सेटेलाइट से जानकारी प्राप्त होने के बाद ही बता पाएंगे।
आसमान में बन रही परिस्थितियों का सामान्य अवलोकन
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा – पश्चिम बंगाल तटों के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इससे संबंधित चक्रवातीय परिसंचरण मध्य समुद्र तल से 7.6 किमी ऊंचाई तक विस्तृत है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुक रहा है। इसके अगले 2 दिनों के दौरान कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने और उत्तरी ओडिशा एवं गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढऩे की प्रबल संभावना है।
नमी खत्म हो रही हो तो सिंचाई करें
बारिश की खेंच से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें छाने लगी हैं। इन दिनों सोयाबीन, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द तथा अन्य फसलें खेतों में हैं। कृषि विस्तार अधिकारी संदीप करोड़े ने बताया क्षेत्र में 80 प्रतिशत से अधिक रकबा सोयाबीन का है। जिन्होंने अर्ली वेरायटी बोई है 21 जुलाई के बाद खेत की नमी सूख गई हो तो हल्की सिंचाई करना चाहिए। स्प्रिंकलर से सिंचाई करेंगे तो पानी कम लगेगा। लांग टर्म वेरायटी में अभी सिंचाई की जरूरत नहीं है। इसी तरह मक्का, अरहर, मूंग, उड़द में भी अभी सिंचाई की जरूरत नहीं है।
मानसून ट्रफ-पश्चिम बंगाल की खाड़ी एवं उत्तरी ओडिशा – पश्चिम बंगाल तटों पर है। इस वजह से निम्न दबाव के क्षेत्र का केंद्र पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है।
उत्तरी पाकिस्तान और संलग्न जम्मू के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में बना हुआ है जो समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच सक्रिय है।
एक ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण, उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश और संलग्न क्षेत्र के ऊपर समुद्रतल से 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर सक्रिय है।
एक ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और संलग्न बिहार के ऊपर समुद्रतल से 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर सक्रिय है।
ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण, उत्तरी गुजरात और संलग्न दक्षिण पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्रतल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच सक्रिय है।
ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण उज्जरी गुजरात और संलग्न दक्षिण पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्रतल से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर बना हुआ है।
एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को 19 जुलाई से प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से उज्जैन में बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।









