आंखों के सामने इकलौता बेटा शिप्रा नदी में डूबा, परिजन बस देखते रह गए

भूखी माता घाट पर हुई घटना, देवास के युवक की डूबने से मौत
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। देवास से आए एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब उनके इकलौते 21 वर्षीय बेटे की भूखी माता घाट पर नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। घाट पर मौजूद परिवार की महिलाएं अपनी सामने युवक को डूबता देख चीख-पुकार मचाती रह गईं।
महाकाल पुलिस के अनुसार बीएनपी कॉलोनी का अंगद (21), पिता जितेंद्र सिसोदिया परिवार के साथ गुरुवार शाम करीब 5 बजे शिप्रा स्नान के लिए भूखी माता घाट पहुंचा था। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया।
45 मिनट मशक्कत के बाद चट्टान में फंसा मिला शव
एसडीईआरएफ और मां शिप्रा तैराक दल की टीमें सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं। तैराक दल के संतोष सोलंकी, तेजा कहार, दीपक कहार और राकेश गौड़ ने एसडीईआरएफ के साथ मिलकर करीब 45 मिनट में शव बाहर निकाला। यह नदी के बीच पत्थरों में फंसा हुआ था।
हॉट स्पॉट बना भूखी माता घाट
तैराक दल के सदस्यों के मुताबिक भूखी माता क्षेत्र में घाट के पास ही करीब 9 से 10 फीट की गहराई है और पानी के अंदर पथरीली चट्टानें हैं। इस वर्ष अब तक यहां 19 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सबसे अधिक हादसे शीतलनाथ आश्रम घाट और भूखी माता घाट क्षेत्र में हुए हैं।
हादसों की मुख्य वजह
लोग पानी की गहराई और अंदर की चट्टानों का अंदाजा लगाए बिना ही नदी में उतर जाते हैं।
हंसी-मजाक या एक-दूसरे को धक्का देने से संतुलन बिगड़ जाता है।
पानी के बीच सेल्फी लेने का प्रयास या तैरने का स्टंट करना।
कई बार गहरे पानी में डूब रहे साथी को बचाने में दूसरा व्यक्ति भी अपनी जान गंवा बैठता है।









