पति को कैंसर, बिना तलाक पत्नी ने की दूसरी शादी कहा- तुम तो कल मर जाओगे, मेरा क्या होगा?

कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
अक्षरविश्व न्यूज रतलाम। रतलाम में सोशल मीडिया से शुरू हुई एक प्रेम कहानी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक तरफ जहां पति कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है, वहीं उसकी पत्नी पर कानूनी रूप से तलाक लिए बिना ही दूसरी शादी करने का आरोप लगा है। अब इस मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी पत्नी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। तलाक का मामला अभी कोर्ट में लंबित ही था और दोनों कानूनी रूप से पति-पत्नी थे, इसी बीच 10 जून 2024 को साक्षी ने छतरपुर के एक युवक से दूसरी शादी कर ली। इस शादी से उन्हें एक बेटी भी हुई। जब आकाश को इस बात की जानकारी मिली तो उसने सबूत जुटाकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
4 माह बाद लगा कैंसर का पता और बदल गए रिश्ते
शादी के महज चार महीने बाद आकाश की तबीयत बिगडऩे लगी। वडोदरा (गुजरात) में जांच के दौरान 10 अप्रैल 2023 को पता चला कि आकाश को सांस नली का कैंसर है। आकाश का कहना है कि कैंसर का पता चलते ही साक्षी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उसने साथ निभाने के बजाय दूरी बना ली और कहा- तुम तो कल मर जाओगे, मेरा क्या होगा? आकाश जब अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा था, तब साक्षी ने महिला थाने में उसके खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज करा दी। हालांकि, मेडिकल रिकॉर्ड पेश करने पर पुलिस ने आकाश पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद साक्षी ने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर दी।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर परिवारों की रजामंदी से शादी
रतलाम की राजस्व कॉलोनी के रहने वाले आकाश जाट की मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए रतलाम की ही साक्षी नकुम से हुई थी। 6 महीने की दोस्ती के बाद दोनों ने 20 नवंबर 2022 को इंदौर के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। शुरुआत में परिवारों ने विरोध किया, लेकिन बाद में वे मान गए। 13 दिसंबर 2022 को पूरे रीति-रिवाजों के साथ रतलाम में दोबारा शादी की गई।
पत्नी की तलाक अर्जी खारिज
18 अप्रैल 2026 को फैमिली कोर्ट ने साक्षी की तलाक की अर्जी को पूरी तरह खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- पत्नी ने दावा किया था कि उसे अप्रैल 2023 में घर से निकाल दिया गया था, लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार, नवंबर 2023 में वह अपने पिता के साथ मैरिज रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के सामने शादी का सर्टिफिकेट साइन करने गई थी। कोर्ट ने माना कि जब पति कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहा हो तो उसे प्रताडि़त करने या घर से निकालने के आरोप परिस्थितियों से मेल नहीं खाते।









