बस ऑनर्स की 7 मांगें, 7 अगस्त तक का अल्टीमेटम, नहीं तो बस सेवा बंद

जिला मुख्यालयों पर आज ज्ञापन देने से होगी शुरुआत
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। ईंधन की कीमतों में उछाल, राष्ट्रीयकृत मार्गों पर सरकारी बस सेवा की शुरुआत, नई बसों के रजिस्ट्रेशन नहीं होने, 15 साल पुरानी फिट बसों का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने, आरटीओ दफ्तर में परिवहन संबंधी सेवा में लेतलाली के विरोध जैसी 7 मांगों को लेकर मध्यप्रदेश के बस ऑनर्स बेहद नाराज हैं। उन्होंने इन मांगों को लेकर आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। इसकी शुरुआत सोमवार को जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन से होगी। 7 अगस्त तक सरकार अगर मांगों पर विचार नहीं करती है तो इसी दिन रात 12 बजे से बस सेवा बंद कर दी जाएगी।
मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य सोमवार को सागर में थे। यहां के आदर्श गार्डन में हुई एसोसिएशन की बैठक में 55 जिलों से 332 प्रतिनिधि पहुंचे थे। अध्यक्ष संतोष पांडे बीमार होने से भोपाल में भर्ती थे,ऐसे में बैठक में मोर्चा महामंत्री जयकुमार जैन ने संभाला। फिर बारी-बारी से उपाध्यक्ष वीरेंद्र साहू (जबलपुर), नरेंद्र सिंह बुंदेला (धार) और राकेश फौजदार ( नर्मदापुरम) ने अपनी बात रखी। सबसे ज्यादा गुस्सा किराया नहीं बढ़ाने और राष्ट्रीयकृत मार्ग पर सरकारी सेवा पर निकाला गया।
इन बातों पर हुआ विरोध
1. किराया वृद्धि: प्रदेश में बसों का किराया नहीं बढ़ाने दिया जा रहा, जबकि ईंधन की लागत काफी बढ़ गई है। डीजल की कीमतों में वृद्धि से मुनाफा कम हो गया है।
2. राष्ट्रीयकृत मार्ग पर सरकारी सेवा: एसोसिएशन सदस्य राष्ट्रीयकृत मार्ग पर सरकारी सेवा शुरू करने से भी परेशान हैं। उन्हें डर हैं कि सरकारी सेवा का सीधा असर उनके व्यापार पर पड़ेगा। ऐसे में वह सरकार से स्पष्टता चाहते हैं।
3. नई बसों को परमिट नहीं: पूरे प्रदेश में 1200 से ज्यादा नई बसों के परमिट लंबित हैं। इनका रजिस्ट्रेशन कहीं भी नहीं हो रहा। ऐसे में ऑनर को बैंक का ब्याज भारी पड़ रहा है।
4. सीएम सुगम बस सेवा की स्थिति: अगले महीने से सीएम सुगम बस सेवा शुरू होने वाली है। इसे लेकर अब तक कोई स्पष्टता नहीं है। यह स्थिति साफ की जानी चाहिए।
5. पुरानी पर फिट बसों को चलने दिया जाए: राज्य में 15 साल पुरानी बसों को सड़क से हटाया जा रहा है। इनमें से कई बसें सुरक्षा मानक पर पूरी तरह फिट हैं। ऐसी बसों को चलने दिया जाए।
6. आरटीओ दफ्तरों में लेतलाली बंद हो: ऑनर्स आरटीओ दफ्तर में उनसे जुड़े कामों की पेंडेसी होने से भी नाराज हैं। उनका कहना है कि फिटनेस, रजिस्ट्रेशन, टीपी के कामों के लिए टाला जाता है। यह बंद होना चाहिए।
7. टेंडर में रॉयल्टी नहीं हो: सुगम बस सेवा के लिए टेंडर भरने वाले ऑपरेटर्स से रॉयल्टी लेने का प्रोविजन रखा गया है। इसे निरस्त करने की मांग ऑनर्स कर रहे हैं।
पहले ज्ञापन देंगे, नहीं तो सेवा बंद कर देंगे
सभी 55 जिलों में सोमवार को सीएम के नाम का ज्ञापन कलेक्टर एवं आरटीओ को दिया जाएगा। इसमें सभी 7 मांगों पर 7 अगस्त तक विचार करने और पूरा करने की मांग की जाएगी। अगर 7 अगस्त की रात 12 बजे तक मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती तो इसी दिन रात 12 बजे बस सेवा बंद कर दी जाएगी।
जयकुमार जैन, महामंत्री, मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन









