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CM सुगम बस सेवा की तैयारी जोरों पर, सितंबर अंत तक हो सकती है शुरू

पहले चरण में मालवा-निमाड़ के 40 रूट पर दौड़ेंगी सरकारी बसें, इसमें 9  रूट उज्जैन के

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राजपत्र में रूट का प्रकाशन जारी, रूट में दिक्कत पर दर्ज करा सकते हैं आपत्ति

अक्षरविश्व न्यूज: उज्जैन। अगर सब कुछ ठीक रहा तो सीएम सुगम परिवहन सेवा की बसें सितंबर से दौड़ सकती हैं। बस संचालन के लिए बनी कंपनी ने पहले चरण में मालवा-निमाड़ अंचल के ४० रूट फाइनल कर दिए हैं। इनमें से ९ रूट में उज्जैन भी शामिल है। राजपत्र में प्रकाशन के बाद रूट के संबंध में सरकार ने आपत्ति बुलाई है। इनका निराकरण एक महीने में करना तय किया है। ऐसे में सितंबर से बसें शुरू हो सकती हैं।

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दरअसल, यात्रियों को बस यात्रा की बेहतर फीलिंग करने के लिए सरकारी सेवा शुरू की जा रही है। यह सेवा अलग-अलग श्रेणी की बसों के साथ शुरू होगी। हालांकि बस सिर्फ दो ही तरह की चलेंगी।पहली मिडी बसें, इनकी यात्री क्षमता २३-३४ यात्री की रहेगी। दूसरी स्टैंडर्ड बसें इनकी यात्री क्षमता ३५-७० यात्रियों की रहेगी। यह बसें साधारण, सेमी डीलक्स, डीलक्स, एसी डीलक्स, एसी लग्जरी, एसी सुपर लग्जरी रहेंगी।

बसों में यह रहेगी खूबियां

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वीएलटीडी सिस्टम- यह बसें व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम युक्त होंगी। यानी बस की रियल टाइम लोकेशन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के पास होगी और वह इसके आधार पर बस समय से चलने या देरी से चलने की सूचना यात्रियों को दे सकेगा।

एप सेवा- बस संचालन करने वाली कंपनी का अपना एप होगा। इस पर बस, रूट, किराया और टाइमटेबल की जानकारी ऑनलाइन ली जा सकेगी।

प्रिंटेट टिकट- यात्रियों को प्रिंटेट टिकट दिए जाएंगे, जिस पर प्रस्थान, गंतव्य, किलोमीटर, तारीख, समय और किराया दर्ज होगा।

सुरक्षा के लिए शिकायत सुविधा- ड्राइवर तय सीमा से अधिक गति से बस नहीं दौड़ा सकेंगे। तेज गति, लापरवाही और अचानक ब्रेक लगाने जैसी स्थिति बनने पर यात्री ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए एप में शिकायत और सुझाव का ऑप्शन मिलेगा।

टाइम अनुसार फ्रीक्वेंसी- यह बसें इंटरसिटी बसें होंगी और इनका फ्रीक्वेंसी पीक टाइम के अनुसार सेट की जाएगी। जैसे उज्जैन-इंदौर के बीच सुबह ७ से ९ का टाइम पीक होता है तो इस समय में ज्यादा से ज्यादा बसें संचालित की जाएंगी। दोपहर में कम यात्री सफर करते हैं, ऐसे में इस समय में बसों की संख्या कम रखी जाएगी।

इन रूटों की बसें उज्जैन से आएंगी-जाएंगी

आलीराजपुर-आगर मालवा: ३०५ किलोमीटर लंबे रूट पर राजगढ़ (सरदारपुर धार वाला), बदनावर, उज्जैन, घोंसला और घट्टिया आएंगे।

आलीराजपुर-शाजापुर : २७५ किलोमीटर लंबा रूट रहेगा। राजगढ़, बदनावर, उज्जैन, मक्सी आएंगे।

बड़वानी-आगरमालवा : २८१ किलोमीटर लंबे रूट पर धामनोद, इंदौर और उज्जैन आएंगे।

बड़वानी-शाजापुर : २७९ किलोमीटर लंबा रूट रहेगा। धामनोद, इंदौर, उज्जैन और मक्सी शामिल रहेंगे।

बुरहानपुर-नीमच : ४७३ किलोमीटर लंबे रूट पर बसें सनावद, इंदौर, देवास, उज्जैन, मंदसौर होते हुए चलेंगी।

 इंदौर-मनासा: २८३ किलोमीटर लंबा रूट रहेगा। बसें उज्जैन, जावरा, मंदसौर होते हुए चलेंगी।

खंडवा-मंदसौर : ३८२ किमी लंबे रूट पर बसें सनावद, इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, जावरा, ढोंढर होते हुए चलेंगी।

खंडवा-नीमच : ४३८ किमी लंबा रूट रहेगा। बसें सनावद, इंदौर, उज्जैन, नागदा, जावरा, मंदसौर होते हुए चलेंगी।

खरगोन-आगर मालवा : २५८ किलोमीटर लंबे रूट पर बसें कसरावद, इंदौर, उज्जैन होते हुए चलेंगी।

क्या फायदा यात्रियों को

उज्जैन का संपर्क मालवा से लेकर निमाड़ के हर प्रमुख जिले तक सीधा हो जाएगा। नीमच, मंदसौर, शाजापुर, आगर-मालवा मालवा अंचल में आते हैं, जबकि बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन निमाड़ में।

सनावद, कसरावद, जावरा, नीमच और मंदसौर की मंडियां बेहतरीन उपज की खरीदी-बिक्री के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में व्यापारियों को यात्रा में सुविधा होगी।

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