महाकालेश्वर मंदिर में सावन के पहले वीकेंड पर उमड़े दर्शनार्थी

सुबह 10 बजे तक डेढ़ लाख ने किए दर्शन
अगले दो दिन और भीड़ बनी रहेगी, शाम को त्रिवेणी हाल में सावन महोत्सव भी मनेगा
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। सावन शुरू हो गया है। आज पहला शनिवार है और साथ ही यह सावन का पहला वीकेंड भी है। पहले दिन दिन मंदिर में सुबह से जबर्दस्त भीड़ देखी जा रही है। मंदिर सूत्रों के मुताबिक सुबह १० बजे तक करीब डेढ़ लाख से अधिक लोग दर्शन कर चुके हैं।
आम दिनों में भी वीकेंड पर शनिवार-रविवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर में काफी भीड़ रहती है। इस बार सावन के कारण भीड़ करीब तीन गुना से अधिक है। शनिवार सुबह भस्मारती से ही श्रद्धालुओं की भीड़ शुरू हो गई थी। अनुमति प्राप्त करीब १८०० लोगों के अलावा ५ हजार से अधिक श्रद्धालुओं को कतार से भगवान महाकाल की भस्मारती के दर्शन कराए गए हैं। सुबह १० बजे तक करीब डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने भगवान महाकाल के दर्शन कर लिए थे। दर्शन का सिलसिला लगातार जारी है। यह भीड़ अब रविवार और सावन सोमवार तक बनी रहने की संभावना है। खासकर सावन के पहले सोमवार ४ अगस्त को भीड़ और जुटेगी।
मंदिर प्रशासक ने देखी व्यवस्थाएं
मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने महाकाल लोक, दर्शन पथ और पार्किंग स्थलों का दौरा किया। उन्होंने मोबाइल लॉकर, जूता स्टैंड, पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति देखी।
उन्होंने श्री महाकाल महालोक, श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर, गेट क्रमांक-1, गेट क्रमांक-4, दर्शन पथ, हरसिद्धि माता मंदिर चौराहा, बड़ा गणेश और पार्किंग स्थलों आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने दिशा-सूचक संकेतक, मोबाइल लॉकर, नि:शुल्क जूता-चप्पल स्टैंड, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा प्रबंध, बैरिकेडिंग, दर्शन लाइन का सुचारु संचालन, दान काउंटर और लड्डू प्रसाद काउंटर आदि की व्यवस्थाएं देखी।
प्रोटोकाल-शीघ्र दर्शन की कतार एक
प्रोटोकाल दर्शनाथियो की व्यवस्था में भी मंदिर में बदलाव किया गया है। प्रोटोकाल प्राप्त दर्शनार्थियों को अब गेट नंबर 1 और हरसिद्धि द्वार से शीघ्र दर्शन वाले दर्शनार्थियों के साथ मंदिर में प्रवेश मिलेगा। प्रोटोकाल दर्शनार्थी पहले नीलकंठ द्वार से प्रवेश करते थे और शंख द्वार से मंदिर मेें प्रवेश करते थे। यह रास्ता अब सिर्फ वीआईपी, वीवीआईपी के लिए रहेगा। हालांकि पुलिस-प्रशासन और सत्ता दल से जुड़े लोग और इनके परिजन भी नीलकंठ द्वार से ही प्रवेश कर रहे हैं।
आज शाम को पखावज वादन और शास्त्रीय गायन
श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा आयोजित श्रावण महोत्सव में आज शाम पहली प्रस्तुति होगी। प्रत्येक शनिवार शाम ६ बजे से त्रिवेणी संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में आज शाम सुश्री रिंधाना-अविनाश गाजियाबाद का शास्त्रीय गायन, निशांत सिंह एवं देबव्रत गुप्ता पं. बंगाल का तबला एवं पखावज वादन और पद्मश्री डॉ. पुरू दाधीच इंदौर का समूह कथक नृत्य होगा। महोत्सव के अंतर्गत प्रत्येक शनिवार को देश के सुप्रसिद्ध शास्त्रीय कलाकारों द्वारा संगीत, वादन एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इस वर्ष कुल 6 शनिवारों में 20 प्रस्तुतियां होंगी।









