भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पारस जैन (पहलवान)का ७७ साल की उम्र में सोमवार तडक़े निधन हो गया। वे कुछ दिनों से बीमार थे और इंदौर के जूपिटर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। यहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। अंतिम यात्रा दोपहर दो बजे उनके उत्तमनगर स्थित आवास से निकलेगी। चक्रतीर्थ पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। वे दोपहर पहुंचेंगे।
२० जून १९५० को डाबरीपीठा निवासी अनाज व्यापारी समरथमल तल्लेरा और कैलाशीबाई के घर जन्में जैन व्यायाम के शौकीन थे और उनका यही शौक उन्हें आरएसएस की शाखा में ले गया। गुरु अखाड़े में कसरत करते हुए ही वह १९८५ में रामजन्मभूमि आंदोलन से जुड़े और इसने ही उनके राजनीति में आने का रास्ता खोला।
१९८९ में उज्जैन उत्तर विधानसभा से उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता और उद्योग मंत्री डॉ. राजेंद्र जैन को हराया। उनकी जीत का यह सिलसिला १९९३ तक बरकरार रहा। हालांकि१९९८ में महंत राजेंद्र भारती ने उन्हें परास्त किया। लेकिन अल्पसंख्यक बहुल इस सीट को उन्होंने बाद में भाजपा का गढ़ बना दिया।
2005 में बाबूलाल गौर सरकार में मंत्री बने
2003,2008,2013 और 2018 तक वह बड़े मार्जिन से जीत हासिल करते रहे। 2004 में बाबूलाल गौर सरकार में वह मंत्री बने और यह सिलसिला 2018 तक चलता रहा। इस दौरान उन्होंने स्कूली शिक्षा, वन, ऊर्जा और खाद्य मंत्रालय का काम संभाला। उम्र के कारण 2023 में उन्हें टिकट नहीं मिला लेकिन उनके कामों की बदौलत अनिल जैन कालूहेड़ा आसानी से विधायक चुन लिए गए। उनके परिवार में पत्नी अंगूरबाला, बेटा संदेश और बेटी स्वाति हैं।









