मौत के बाद भी ऑक्सीजन पर रखा मरीज, इंदौर किया रेफर

एमपी अस्पताल में लापरवाही का एक और मामला, प्रसूता की मौत का आरोप
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। माधवनगर थाने के सामने स्थित मां पीतांबरी एमपी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल (एमपी हॉस्पिटल) में प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पति ने अस्पताल प्रबंधन और महिला चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए आईजी, कलेक्टर, एसपी और सीएमएचओ को लिखित शिकायत दी है।
देवास के गणेशपुरी कॉलोनी निवासी सुनील पुत्र बाबूलाल जंगराला की पत्नी प्रीति (26) का इलाज उज्जैन की डॉ. वीणा शर्मा के पास चल रहा था। 31 जुलाई 2026 को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें एमपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉ. वीणा शर्मा ने बिना ब्लड की उपलब्धता के ऑपरेशन कर दिया। हालत बिगडऩे पर परिजनों को खून लाने को कहा गया, लेकिन जब तक परिजन पुष्पा मिशन हॉस्पिटल से खून लेकर लौटे, तब तक ऑपरेशन थिएटर में ही प्रसूता की मौत हो चुकी थी।
पति सुनील का आरोप है कि पत्नी का शरीर ठंडा पडऩे और सांसें थमने के बावजूद, डॉक्टर और प्रबंधन ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए शव को जबरन ऑक्सीजन मास्क लगाया और एंबुलेंस से इंदौर रैफर कर दिया। एंबुलेंस चालक ने भी महिला की मौत हो जाने की पुष्टि की थी। अरविंदो हॉस्पिटल पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रीति को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद 1 अगस्त को इंदौर की बाणगंगा पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम कराया। सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि प्रसूता की मौत के मामले में जांच समिति का गठन कर दिया गया है। डॉ. सुनीता और डॉ. जितेंद्र राजपूत को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। इस संबंध में डॉ. वीणा शर्मा से बात नहीं हो पाई।
महज 10 दिन पहले खुला था अस्पताल
इसी अस्पताल में वर्ष 2025 में भी एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक की मौत के दौरान इलाज में भारी गड़बड़ी पाई गई थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया था और माधवनगर पुलिस ने प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की थी। बाद में लापरवाही पूर्ण इलाज के कारण अस्पताल को सील कर दिया था। करीब 4 महीने तक बंद रहने के बाद यह अस्पताल महज 10 दिन पहले ही मां पीतांबरा के नए नाम से दोबारा शुरू हुआ था।









