ट्रस्ट केस में वकील और अध्यक्ष झगड़े

वकीलों पर अभद्र टिप्पणी करने पर युवक की जमकर धुनाई
कोर्ट परिसर में हलचल भरा रहा गुरुवार
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कोर्ट परिसर में गुरुवार का दिन हलचल भरा रहा। वकीलों पर अभद्र टिप्पणी करने पर एक युवक की वकीलों के समूह ने जमकर धुनाई कर दी। पिटने वाले युवक को उसके ही वकील ने बचाया। एक अन्य मामले में पूर्व जीपी और जगदीश मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष चार्ज को झगड़ पड़े। बात इतनी बढ़ी कि मामला माधवनगर थाने तक पहुंच गया।
पहला मामला वरिष्ठ अभिभाषक अजय गिरिया से जुड़ा है। दरअसल दूधतलाई क्षेत्र में कुछ समय पहले हवाई फायरिंग हुई थी। इस प्रकरण में आरोपी की तरफ से अजय गिरिया पैरवी कर रहे हैं। गुरुवार को आरोपी और फरियादी दोनों ही पेशी पर आए थे। मामले के गवाह के भी बयान होने थे। कोर्ट की कार्यवाही चल रही थी। हालांकि इसमें समय ज्यादा लग रहा था। ऐसे में आरोपी के साथ आए युवक का गुस्सा फूट पड़ा। कोर्ट की प्रक्रिया पर उसने आपत्ति जताते हुए वकीलों के बारे में अनर्गल टिप्पणी की। उसका कहना था कि देरी की वजह वकील हैं और वह लोग नहीं चाहते थे समय पर मामले सुलझ जाए।
कुछ और आपत्तिजनक बात भी की। इसे लेकर पहले धक्का-मुक्की शुरू हुई और मारापीटी की। कोर्ट सूत्रों के मुताबिक क्लाइंट और वकील के बीच से शुरू हुए झगड़े में अन्य अभिभाषक भी कूद गए और युवक की जमकर पिटाई की। मारापीटी में युवक जमीन पर गिर गया, फिर भी लोग नहीं रुके। आखिर में गिरिया युवक के ऊपर लेटे और उसे भीड़ से बचाया। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। वरिष्ठ अभिभाषक अजय गिरिया ने बताया कि आरोपी की तरफ से आया युवक वकीलों के बारे में अनर्गल टिप्पणी कर रहा था। इसे लेकर धक्का-मुक्की हुई,फिर कुछ लोगों ने उसे पीट दिया। हालांकि मैंने उसे भीड़ से बचाया और इस बीच मुझे भी चोट लगी।
तहसील कार्यालय परिसर में पूर्व जीपी की बहस
दूसरा मामला तहसील कार्यालय परिसर का है। यहां एसडीएम कोर्ट में खाती समाज के जगदीश मंदिर ट्रस्ट के मसले की पेशी थी। पूर्व जीपी और भाजपा नेता मिश्रीलाल चौधरी पेशी पर आए हुए थे। वह ट्रस्ट के सचिव भी हैं। सचिव के चार्ज को लेकर उनका अध्यक्ष लीलाधर पिपलिया से विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों ने एसडीएम कोर्ट में वाद दायर कर रखा है।
गुरुवार को पेशी पर पिपलिया और चौधरी अपना पक्ष रख रहे थे। एसडीएम एलएन गर्ग की कोर्ट में चार्ज को लेकर दोनों के बीच बहस हुई और इसने इतना तूल पकड़ा कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हो गई। मामला माधवनगर थाने तक पहुंचा। चौधरी ने बताया कि ट्रस्ट में अध्यक्ष-सचिव के चार्ज को लेकर विवाद चल रहा है। एसडीएम कोर्ट में मसला है। मेरा यही कहना था कोर्ट में है तो निराकरण होने तक चार्ज कैसे दिया जा सकता है। इसी को लेकर बहस हुई। पहला पक्ष थाने पहुंचा तो मैंने भी अपना पक्ष रखा। मारापीटी की स्थिति नहीं बनी।
एसडीएम ने बंद करवाया कक्ष का दरवाजा
सूत्रों के मुताबिक चौधरी मामले को भले ही बहस का बता रहे हो लेकिन दोनों पक्षों के बीच मारापीटी भी हुई है। इस दौरान एसडीएम एलएन गर्ग कक्ष में ही थे और मामला बढ़ता देख उन्होंने कमरे का गेट लगवा दिया था। गर्ग ने बताया दोनों पक्षों की पेशी थी। इसमें ही आरग्यूमेंट के बाद दोनों पक्षों में विवाद हुआ था।
तहसील कैंपस में सीसीटीवी कैमरे पर चालू नहीं
करीब दो साल पहले बने तहसील कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं लेकिन यह बंद पड़े हैं। ऐसे में घटना रिकॉर्ड नहीं हो सकी।









