मेघों ने किया बाबा महाकाल का अभिषेक

राजाधिराज महाकाल की चौथी व सावन की अंतिम सवारी ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Advertisement
उज्जैन। सावन की चौथे और अंतिम सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए निकली। लंबे समय से रूठे मेघों ने भी बाबा के स्वागत में उज्जैन के आसमान पर अपना डेरा जमाया और खूब बरसे। 12 अगस्त को सवारी के दौरान 17 मिमी और 17 अगस्त को रिमझिम बारिश हुई थी।
करीब 12 दिन की लंबी खेंच के बाद मेघों के बरसने से माहौल बदल गया और मौसम सुहावना हो गया। सवारी के दौरान माहौल शिवमय नजर आया और देश-विदेश से पहुंचे लगभग 7.80 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन किए।
Advertisement









